1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 03, 2026, 2:38:47 PM
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Bihar Teacher News : बांका जिले में शिक्षा विभाग ने तकनीक के सहारे फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) संजय कुमार यादव द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें जिले के सात प्रखंडों के कुल 19 शिक्षक ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने स्कूल में मौजूद न रहते हुए भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज की।
विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि कई शिक्षक बिहार की भौगोलिक सीमा से बाहर रहते हुए भी ऑनलाइन हाजिरी लगा रहे थे, जिसे गंभीर अनियमितता और फर्जीवाड़ा माना गया है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है।
सबसे चौंकाने वाला मामला शंभूगंज प्रखंड का सामने आया है, जहां बालिका उच्च विद्यालय कादराचक की शिक्षिका कुमुद कुमारी का नाम तीन अलग-अलग तिथियों 25, 28 और 30 मार्च 2026 को जिले से बाहर उपस्थित पाए जाने के रूप में दर्ज है। इसी तरह धोरैया प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय कुर्मा की शिक्षिका सरिता कुमारी भी 26 और 30 मार्च को दो बार इस तरह की गड़बड़ी में पकड़ी गई हैं।
डीपीओ ने सभी चिन्हित शिक्षकों को नोटिस जारी करते हुए 7 दिनों के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है उनमें शंभूगंज, धोरैया, चांदन, बांका, रजौन, बाराहाट और बेलहर प्रखंड के कई स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं।
इसके अलावा कई शिक्षकों पर वेतन रोकने की भी कार्रवाई की गई है। इनमें कादराचक, कुर्माडीह, छात्रहार, परारिया, लाखा, भिट्ठी और अन्य विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। वहीं कुछ शिक्षकों के वेतन को अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है।
धोरैया प्रखंड में भी कई शिक्षक जांच के घेरे में हैं, जिनमें मुकेश कुमार, श्यामाकांत शर्मा, गौरव कुमार गौतम और अन्य नाम शामिल हैं। इसी तरह चांदन, बांका, रजौन, बाराहाट और बेलहर प्रखंडों के शिक्षकों पर भी कार्रवाई की गई है।
डीपीओ संजय कुमार यादव ने साफ कहा है कि जब तक सभी शिक्षकों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता, तब तक संबंधित दिनों का वेतन रोक कर रखा जाएगा। यदि जवाब असंतोषजनक पाया गया तो विभागीय नियमों के तहत आगे की सख्त कार्रवाई, वेतन कटौती और अन्य दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिले के शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है और अन्य शिक्षकों में भी सख्ती का असर देखा जा रहा है।