1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 22, 2025, 2:38:47 PM
Bihar Education - फ़ोटो Google
Bihar Education: बिहार के अंदर लगातार बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली हो रही है। इसको लेकर विभाग के तरफ से नोटिस भी जारी किया जा रहा है। अब इस तमाम बातों के साथ एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। अब इस जानकारी को पढ़कर आप भी अचंभित रह जाएंगे। तो आइए जानते हैं कि यह अपडेट क्या है और इसका असर क्या पड़ेगा ?
दरअसल, बिहार में शिक्षक नियुक्ति में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे 5 शिक्षकों को पकड़ा गया है। यह एक्शन पटना हाईकोर्ट के आदेश पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने लिया है। यह पूरा मामला बांका जिला का बताया जा रहा है। इसी दौरान इन पांच शिक्षकों के फर्जी सर्टिफिकेट का खुलासा है।
बताया जा रहा है कि इस मामले में बेलहर से दो, रजौन से एक और शंभूगंज से 2 शिक्षकों को पकड़ा गया है। यहां प्राथमिक विद्यालय जगतापुर की शिक्षिका कुमारी पल्लवी और प्राथमिक विद्यालय मेहरपुर के शिक्षक निरंजन कुमार का अंक पत्र उड़ीसा बोर्ड से जारी बताया गया था। लेकिन जांच के दौरान यह अंक पत्र फर्जी निकला है।
इसके अलावा रजौन प्रखंड के कोलहड्डा विद्यालय में नियुक्त शिक्षिका दीपा कुमारी की नियुक्ति साल 2006 में हुआ थ। उन्होंने मैट्रिक का प्रमाण पत्र कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से दिखाया था। जबकि जांच के दौरान यह फर्जी साबित हुआ। इसके बाद अब इनके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
इधर,बेलहर प्रखंड की पंचायत शिक्षिका श्वेता कुमारी का अनुभव प्रमाण पत्र और अनिता कुमारी का उपशास्त्री प्रमाण पत्र सत्यापन में फर्जी पाया गया है। इनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। बता दें कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस कार्रवाई से साफ हो गया है कि जिले में वर्षों से फर्जी दस्तावेजों पर शिक्षक नौकरी कर रहे थे। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद इन सभी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।