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बकोरिया मुठभेड़ के मामले में CBI कोर्ट में 27 जुलाई को अगली सुनवाई, मृतकों के परिजनों का पक्ष सुनेगा कोर्ट

RANCHI : झारखंड के पलामू जिले का बहुचर्चित कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले में रांची सीबीआई कोर्ट में पीड़ित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ. जिसके बाद कोर्ट ने बुधवार को आंशिक सुनवाई के बाद

बकोरिया मुठभेड़ के मामले में CBI कोर्ट में 27 जुलाई को अगली सुनवाई, मृतकों के परिजनों का पक्ष सुनेगा कोर्ट
Aprajita  Shila
Aprajita Shila
2 मिनट

RANCHI : झारखंड के पलामू जिले का बहुचर्चित कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले में रांची सीबीआई कोर्ट में पीड़ित पक्ष उपस्थित नहीं हुआ. जिसके बाद कोर्ट ने बुधवार को आंशिक सुनवाई के बाद गली सुनवाई के लिये 27 जुलाई की तिथि निर्धारित की है. 


बता दें जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र के बकोरिया में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ 8 जून 2015 को मुठभेड़ में डा. अनुराग सहित 12 लोग मारे गए थे. मुठभेड़ में मारे गए 12 लोगों में 10 का कोई नक्सली रिकार्ड नहीं था. मारे गए नक्सलियों में टाप कमांडर आरके उर्फ अनुराग और उसका बेटा-भतीजा शामिल थे.


जहां उस दिन मुठभेड़ में मारे गए लोगों के परिजनों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई होगी. कथित पुलिस-नक्सली मुठभेड़ मामले में CBI दिल्ली ने FIR दर्ज की थी. यह प्राथमिकी हाइकोर्ट के 22 अक्टूबर 2018 को दिए आदेश पर दर्ज की गयी थी. इस घटना में पुलिस ने 12 लोगों को मुठभेड़ में मारने का दावा किया था. मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए हाइकोर्ट में CID की जांच पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी. 


CBI ने पलामू के सदर थाना कांड संख्या 349/2015, दिनांक 09 जून 2015 के केस को टेकओवर करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिसिया जांच में यह बात सामने आयी थी कि मारे गये 12 लोगों में से सिर्फ डॉ आरके उर्फ अनुराग के साथ किसी का कोई नक्सल रिकॉर्ड नहीं था.

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