Bihar News: बगहा-खैरपोखरा रेलखंड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब रेलवे पुल के पास एक घायल जंगली जानवर दिखाई दिया। उसके शरीर पर धब्बे होने के कारण ग्रामीणों ने उसे तेंदुए का शावक समझ लिया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच के बाद उसकी पहचान दुर्लभ फिशिंग कैट (Fishing Cat) के रूप में की।
वन विभाग ने घायल फिशिंग कैट का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे इलाज के लिए वन परिसर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह एक दुर्लभ वन्यजीव है, जो सामान्यतः दलदली और जलभराव वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।
बगहा रेंजर श्रीमान मालकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि फिशिंग कैट किसी ट्रेन की हल्की चपेट में आ गई होगी या फिर ट्रेन के गुजरने से हुए मानसिक आघात के कारण घायल और कमजोर हो गई। इसी वजह से उसे चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी।
वन विभाग का कहना है कि उपचार पूरा होने और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद फिशिंग कैट को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी वन्यजीव के दिखने की सूचना मिले तो उसे घेरने या परेशान करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
वन अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में जंगलों और निचले इलाकों में जलभराव होने के कारण वन्यजीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटक आते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।




