ब्रेकिंग
UCC पर घमासान के बीच JDU ने क्लियर किया अपना स्टैंड, क्या बोले डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी?मुंह में रसगुल्ला लेकर दौड़ रहे बच्चे के गले में फंसी मिठाई, हुई दर्दनाक मौतपटना में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन: 70वीं BPSC और दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग; बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थीबायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं, बिहार के 235 कॉलेजों के लिए फरमान जारी, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्टबिहार के 14 जिलों में Orange Alert, मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की चेतावनी; आपदा प्रबंधन विभाग ने की यह अपीलUCC पर घमासान के बीच JDU ने क्लियर किया अपना स्टैंड, क्या बोले डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी?मुंह में रसगुल्ला लेकर दौड़ रहे बच्चे के गले में फंसी मिठाई, हुई दर्दनाक मौतपटना में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन: 70वीं BPSC और दारोगा मुख्य परीक्षा रद्द करने की मांग; बैरिकेडिंग तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थीबायोमेट्रिक हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं, बिहार के 235 कॉलेजों के लिए फरमान जारी, शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्टबिहार के 14 जिलों में Orange Alert, मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की चेतावनी; आपदा प्रबंधन विभाग ने की यह अपील

रेल पुल पर घायल मिला दुर्लभ फिशिंग कैट, ग्रामीणों ने समझा तेंदुए का शावक; वन विभाग ने किया रेस्क्यू

Bihar News: बगहा-खैरपोखरा रेलखंड के पास घायल अवस्था में मिला जंगली जानवर पहले तेंदुए का शावक समझा गया, लेकिन वन विभाग ने उसकी पहचान दुर्लभ फिशिंग कैट के रूप में की। रेस्क्यू के बाद उसे उपचार के लिए सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

Bihar News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बगहा-खैरपोखरा रेलखंड पर उस समय हड़कंप मच गया, जब रेलवे पुल के पास एक घायल जंगली जानवर दिखाई दिया। उसके शरीर पर धब्बे होने के कारण ग्रामीणों ने उसे तेंदुए का शावक समझ लिया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच के बाद उसकी पहचान दुर्लभ फिशिंग कैट (Fishing Cat) के रूप में की।



वन विभाग ने घायल फिशिंग कैट का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे इलाज के लिए वन परिसर भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार यह एक दुर्लभ वन्यजीव है, जो सामान्यतः दलदली और जलभराव वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।



बगहा रेंजर श्रीमान मालकर ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आशंका है कि फिशिंग कैट किसी ट्रेन की हल्की चपेट में आ गई होगी या फिर ट्रेन के गुजरने से हुए मानसिक आघात के कारण घायल और कमजोर हो गई। इसी वजह से उसे चलने-फिरने में परेशानी हो रही थी।



वन विभाग का कहना है कि उपचार पूरा होने और पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद फिशिंग कैट को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी वन्यजीव के दिखने की सूचना मिले तो उसे घेरने या परेशान करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।



वन अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में जंगलों और निचले इलाकों में जलभराव होने के कारण वन्यजीव अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटक आते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

रिपोर्टिंग
D

रिपोर्टर

DEEPAK RAJ

FirstBihar संवाददाता