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राम-जानकी फोरलेन पर आया बड़ा अपडेट: 2027 तक पूरा होगा 6155 करोड़ का प्रोजेक्ट, 5 घंटे में अयोध्या से जनकपुर

Ram-Janki Four Lane: अयोध्या से नेपाल के जनकपुर तक बनने वाला राम-जानकी फोरलेन मार्ग 2027 तक पूरा होने की संभावना है। 6155 करोड़ रुपये की इस परियोजना से अयोध्या, सीतामढ़ी और जनकपुर के बीच यात्रा समय घटकर लगभग 5–6 घंटे रह जाएगा।

Ram-Janki Four Lane
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Ram-Janki Four Lane: अयोध्या से नेपाल के जनकपुर तक बनने वाला राम-जानकी फोरलेन मार्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाने जा रहा है। लगभग 6155 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह 240 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना वर्ष 2027 तक पूरी होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बन जाने के बाद अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच की यात्रा मात्र 5 से 6 घंटे में पूरी की जा सकेगी।


यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल सड़क संपर्क को बेहतर बनाएगी, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मान्यता है कि भगवान राम की बारात अयोध्या से जनकपुर इसी मार्ग से गई थी। अब इसी ऐतिहासिक मार्ग को आधुनिक फोरलेन सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे रामायण सर्किट को नई मजबूती मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।


फिलहाल अयोध्या से जनकपुर की दूरी लगभग 459 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 14 से 15 घंटे लगते हैं। लेकिन राम-जानकी फोरलेन बनने के बाद यह दूरी घटकर करीब 369 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा समय में भी भारी कमी आएगी।


इस परियोजना के तहत कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य किए जा रहे हैं। मार्ग पर सीवान, तरवारा, बसंतपुर और मशरख में बाईपास बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक बड़ा पुल, 14 छोटे पुल, 15 अंडरपास, एक रेलवे ओवरब्रिज और दो ग्रेड सेपरेटर भी शामिल होंगे, जिससे यातायात सुचारु और सुरक्षित होगा।


यह सड़क अयोध्या से शुरू होकर उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा, सीवान, सारण, मशरख, शिवहर और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल के जनकपुर तक जाएगी। इससे बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और व्यापार, पर्यटन और परिवहन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग के बनने से आसपास के क्षेत्रों में होटल, ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


सीतामढ़ी को माता सीता की जन्मस्थली और जनकपुर को उनका मायका व विवाह स्थल माना जाता है। ऐसे में राम-जानकी मार्ग के माध्यम से अयोध्या, सीतामढ़ी और जनकपुर को एक साझा धार्मिक सर्किट के रूप में जोड़ा जाएगा, जिससे भारत और नेपाल के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता