Bihar News: नालंदा के हरनौत नगर पंचायत के पूर्व पार्षद अशोक कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चुनाव के दौरान संतान से जुड़ी जानकारी छिपाने और गलत शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के आरोप में उनके खिलाफ हरनौत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. यह कार्रवाई राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के बाद नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन की ओर से की गई है.
मामला हरनौत नगर पंचायत के वार्ड संख्या-19 से जुड़ा है. वर्ष 2022 के नगर निकाय चुनाव में यह वार्ड अनारक्षित था. इस वार्ड से अशोक कुमार, पंकज कुमार समेत कुल आठ प्रत्याशियों ने पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया था. चुनाव में अशोक कुमार विजयी हुए थे.
धरमपुर निवासी पंकज कुमार ने अशोक कुमार के खिलाफ राज्य निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि अशोक कुमार की कुल पांच संतानें हैं और इनमें से दो का जन्म 4 अप्रैल 2008 के बाद हुआ है.
शिकायतकर्ता ने आयोग के समक्ष एक पुत्र और एक पुत्री के जन्म से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए थे. इसके बाद मामले की सुनवाई हुई और चुनाव के दौरान दाखिल किए गए शपथ-पत्र समेत अन्य दस्तावेजों की जांच की गई.
बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के अनुसार, 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने पर व्यक्ति नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है.
जांच के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग ने पाया कि अशोक कुमार की 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतानें थीं. इसके बावजूद चुनाव के दौरान उन्होंने अपनी संतान से जुड़ी जानकारी छिपाकर शपथ-पत्र प्रस्तुत किया था.
आरोप है कि अशोक कुमार ने चुनाव के दौरान गलत शपथ-पत्र के साथ अंतिम संतान का गलत जन्म प्रमाण-पत्र भी प्रस्तुत किया. इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने नगर निकाय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की.
मामले की सुनवाई के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें पार्षद पद से पदमुक्त कर दिया था. इसके बाद अब गलत शपथ-पत्र और तथ्य छिपाकर चुनाव लड़ने के मामले में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
एसडीएम के निर्देश के बाद दर्ज हुई FIR
जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग के वाद संख्या 73/2023 में पंकज कुमार बनाम अशोक कुमार मामले की सुनवाई के बाद आयोग की ओर से आदेश पारित किया गया था. इसके बाद बिहारशरीफ के एसडीएम निर्वाचन शाखा ने 10 जुलाई को हरनौत नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को मामले में कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था.
कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश के आलोक में अशोक कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि जांच में यह पाया गया कि 4 अप्रैल 2008 के बाद अशोक कुमार की दो से अधिक जीवित संतानें थीं. इस आधार पर वे बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(एम) के तहत नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य थे.
हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और चुनाव के दौरान प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों समेत शिकायत से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है.





