Bihar Crime News: बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरजिला हथियार तस्करी गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद किया है.
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए तस्कर कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने का काम करते थे. इनके पकड़े जाने से हथियार तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उपहारा थाना क्षेत्र के झाड़ी गांव निवासी रोहित कुमार उर्फ बिल्लू सिंह उर्फ बिल्टा, हसपुरा थाना क्षेत्र के टनकुप्पी गांव निवासी गणेश कुमार उर्फ विक्रम, गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर निवासी मो. सोहेल उर्फ बलिस्टर आलम उर्फ बली और इश्तेखार आलम के रूप में हुई है.
जानकारी के अनुसार, एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर और भोजपुर समेत कई जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई की जा रही है. सूचना के आधार पर 19 जून को गोह थाना पुलिस के सहयोग से विशेष अभियान चलाया गया.
पुलिस टीम ने गोह-रफीगंज मुख्य मार्ग पर डिहुरी बाजार के समीप घेराबंदी कर तीन बाइक पर सवार चार संदिग्ध युवकों को रोका. तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार और कारतूस बरामद हुए.
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन लोडेड पिस्टल, दो देशी कार्बाइन, दो कट्टा, एक खराब कट्टा, 159 जिंदा कारतूस, सात मैगजीन, तीन बाइक, चार मोबाइल फोन और दो खोखा बरामद किए गए हैं.
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने अवैध हथियारों की तस्करी में अपनी भूमिका स्वीकार की. इसके बाद उनकी निशानदेही पर गोह थाना क्षेत्र के प्राणपुर गांव में छापेमारी की गई.
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां छिपाकर रखे गए हथियार और कारतूस बरामद किए. पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से हथियारों की खरीद-बिक्री में शामिल था और कई जिलों में इसका नेटवर्क फैला हुआ है.
एसटीएफ डीआईजी संजय कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों से पूछताछ की गई है. उनकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई की जा रही है. सभी आरोपियों को गोह थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की खेप कहां से लाई जा रही थी और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी. इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है.



