Bihar News: जमीन की लड़ाई में मासूम की बलि! विवाद के चलते 8 साल की बच्ची की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

Bihar News: बिहार के अररिया जिले में जमीन विवाद ने एक मासूम की जान ले ली, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप...जानें क्या है मामला?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 30, 2025, 12:20:23 PM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो google

Bihar News: बिहार के अररिया जिले में जमीन विवाद ने एक मासूम की जान ले ली, ऐसा आरोप बच्ची के परिजन लगा रहे हैं। दरअसल, नरपतगंज थाना क्षेत्र के फरही गांव में मंगलवार की शाम एक 8 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृत बच्ची की पहचान सीमा कुमारी के रूप में हुई है, जो फरही पंचायत के वार्ड नंबर 6 की निवासी थी।


परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या है। उनके अनुसार गांव के ही एक व्यक्ति से लगभग 40 डिसमिल जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि इसी विवाद के चलते बच्ची की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई।


घटना की जानकारी मिलते ही नरपतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली है।


पुलिस का कहना है कि मामला गंभीर है और सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन संदेह के आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। 


एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। बच्ची की मौत से गांव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल बना हुआ है। एक ओर जहां इस घटना ने फिर से बिहार में भूमि विवादों की गंभीरता को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर मासूम बच्चों को निशाना बनाए जाने की बढ़ती घटनाओं पर भी सवाल उठाए हैं। 


परिजनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है। इस घटना ने प्रशासनिक तत्परता और कानून-व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। क्या जमीन विवादों का निपटारा समय पर हो पा रहा है, या ये जानलेवा रूप लेते जा रहे हैं यह सोचने की जरूरत है।