Bihar News: दीपावली की खुशियों में मातम: अररिया में करंट से पिता-पुत्र की मौत, लोगों ने जमकर किया हंगामा

Bihar News: बिहार के अररिया जिले के खवासपुर में दीपावली के मौके पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Oct 21, 2025, 8:55:30 AM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो Google

Bihar News: बिहार के अररिया जिले के खवासपुर में दीपावली के मौके पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें पिता-पुत्र की करंट लगने से मौत हो गई। सोमवार की दोपहर खवासपुर-फारबिसगंज मार्ग स्थित करिया पुल के पास पानी में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से 47 वर्षीय विद्यानंद मलिक और उनके 14 वर्षीय पुत्र सागर मलिक की मौके पर ही मौत हो गई।


घटना के अनुसार, करिया पुल के पास बिजली की तार काफी समय से पानी में गिरी हुई थी। सोमवार को विद्यानंद मलिक सुअर पकड़ने के लिए पानी में उतरे, तभी करंट की चपेट में आ गए। पिता को तड़पते देख उनका पुत्र सागर उन्हें बचाने के लिए पानी में कूद गया, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गया।


हादसे की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने खवासपुर-फारबिसगंज मुख्य मार्ग को जाम कर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि विभाग की लापरवाही और उदासीनता के कारण यह हादसा हुआ है। कई बार शिकायत करने के बावजूद गिरा हुआ तार नहीं हटाया गया।


सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर जाम हटवाया। भाजपा ओबीसी नेता दिलीप पटेल ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि दोनों की मौत करंट की चपेट में आने से हुई है और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं बिजली विभाग की एसडीओ कोमल कुमारी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में पानी में करंट होने की पुष्टि नहीं हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।


पीड़ित परिवार काफी गरीब है और परिवार के दो कमाने वाले सदस्यों की मौत से उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय प्रशासन ने परिवार को मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।


यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां पूरी तरह चरम पर हैं। जिले के कई हिस्सों में राजनीतिक दल मतदाताओं के बीच जनसंपर्क कर रहे हैं और प्रशासन भी सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को लेकर सतर्क है। इस घटना ने चुनावी मौसम में स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही और नागरिक सुरक्षा के सवाल भी खड़े कर दिए हैं।