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18-Jan-2022 11:29 AM
PATNA : नालंदा में जहरीली शराब से मौत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौतरफा घिर गये हैं. विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दल भी हमलावर हैं. खास बात ये है कि साल 2016 जब बिहार में शराबबंदी कानून लागू करने का फैसला लिया था, तब तमाम राजनीतिक दलों ने विधानमंडल से सर्वसम्मत से प्रस्ताव पारित किया था लेकिन आज शराबबंदी से ज्यादातर पार्टियां संतुष्ट नहीं हैं और इसको लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.
भारतीय सबलोग पार्टी (भासपा) के प्रमुख एवं जहानाबाद के पूर्व सांसद डॉ अरुण कुमार ने फर्स्ट बिहार से बात करते हुए शराबबंदी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. अरुण कुमार आज अपनी पार्टी का चिराग पासवान के गुट वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के साथ विलय करने वाले हैं. इससे पहले उन्होंने नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा है.
अरुण कुमार ने सीधे कहा कि शासन की बागडोर गलत लोगों के हाथ में चली गई है. कानून व्यवस्था बिगड़ने का यही मुख्य कारण है. जो आज शराबबंदी का ढोल पीट रहे हैं वही खुद शराब पीते हैं. नीतीश कुमार को खुद पता है कि उनके कौन मंत्री और अफसर शराब पीते हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि यह नकली शराबबंदी है. नीतीश कुमार सबको पियक्कड़ बनाकर अब गांधीवादी चोला ओढ़ रहे हैं.
वहीं शराबबंदी संशोधन पर अरुण कुमार ने कहा कि यह कभी सफल नहीं होगा, क्योंकि जेडीयू के जो सफेदपोश हैं उन्हीं के संरक्षण में शराब कारोबार चल रहा है. जनता को भी सब पता है. पहले पंचायत स्तर तक शराब की दुकान खुलवा दी और अब शराबबंदी का नाटक कर रहे हैं. सबको शराब के पीछे लगा दिया है और प्रदेश भर में हत्या और लूट के अपराध बढ़ गये हैं.