बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान खुले में मीट बेचने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा, अब बिना लाइसेंस के नहीं खुलेंगी दुकानें पेशी के दौरान हाजीपुर कोर्ट से भागने की कोशिश, अपहरण के आरोपी को पुलिस ने दोबारा पकड़ा नीतीश को डिजिटल अरेस्ट किया गया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा..अब चंद्रबाबू नायडू की बारी Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. रेलवे का बड़ा बदलाव: अब प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए QR टिकट जरूरी, जानिए कैसे बुक होगा नया टिकट ‘सातवीं बार शादी करने के लिए तैयार हैं पापा, उन्हें रोक लो...’ मदद के लिए थाने पहुंचा नाबालिग बेटा
23-Sep-2025 05:54 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल और जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर के बीच शुरू हुआ विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। आरोप-प्रत्यारोप की यह जंग सीधे अदालत तक पहुंच गई है। सांसद ने प्रशांत किशोर के बयानों को अपनी छवि पर चोट बताते हुए बेतिया व्यवहार न्यायालय में मानहानि का परिवाद दर्ज कराया है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत के दौरान संजय जायसवाल पर गंभीर आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने निजी पेट्रोल पंप के फ़ायदे के लिए छावनी ओवरब्रिज के अलॉटमेंट में हेरफेर करवाई। इतना ही नहीं, उन्होंने जायसवाल को टूटपुजिया नेता कहकर सियासी हलकों में सनसनी मचा दी।
सांसद ने इन बयानों को असत्य और अपमानजनक बताते हुए पहले वकील के ज़रिए प्रशांत किशोर को कानूनी नोटिस भेजा। किशोर की ओर से जवाब मिला, लेकिन वह जायसवाल को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद वकील राजन कुमार चतुर्वेदी के माध्यम से मामला अदालत तक ले जाया गया। उनका कहना है कि इन टिप्पणियों ने सांसद की सामाजिक और राजनीतिक साख को ठेस पहुंचाई है, जो मानहानि का स्पष्ट मामला है।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम चंपारण की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के कद्दावर नेता के रूप में जाने जाने वाले डॉ. संजय जायसवाल और जनसुराज आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रशांत किशोर के बीच यह टकराव अब सिर्फ़ सियासी बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा। अदालत के दरवाज़े खुल चुके हैं और यह देखना रोचक होगा कि आने वाले दिनों में यह लड़ाई सियासी ज़मीन पर क्या असर छोड़ती है।
रिपोर्ट- संतोष कुमार, बेतिया