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03-Feb-2024 04:49 PM
By FIRST BIHAR
PATNA: केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस की राष्ट्रीय लोजपा के संसदीय बोर्ड का गठन हो गया है। पारस ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह पर भरोसा जताते हुए उन्हें संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है जबकि पार्टी के 21 नेताओं को बोर्ड का सदस्य मनोनीत किया गया है।
दरअसल, लोकसभा चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्र की एनडीए सरकार में शामिल पशुपति कुमार पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोजपा की भंग हो चुके संसदीय बोर्ड का एक बार फिर से गठन कर लिया गया है। पशुपति कुमार पारस ने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया है जबकि बोर्ड में 21 सदस्य बनाए गए हैं।
बता दें कि वैशाली सांसद वीणा सिंह पहले राष्ट्रीय लोजपा के संसदीय बोर्ड की अध्यक्ष थीं, लेकिन उनके पाला बदलकर चिराग पासवान के साथ जाने के बाद पशुपति कुमार पारस ने आरएलजेपी के ससंदीय बोर्ड को भंग कर दिया था, लेकिन लोकसभा चुनाव को देखते हुए एक बार फिर से संसदीय बोर्ड का गठन कर दिया है और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को बड़ी जिम्मेवारी सौंपी गई है।
बता दें कि एक वक्त था जब अपराध की दुनिया में सूरजभान सिंह सिक्का चलता था लेकिन बाद में वे राजनीति में चले आए थे। सूरजभान ने मोकामा से साल 2000 में तत्कालीन बिहार सरकार में मंत्री दिलीप सिंह के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत हासिल कर निर्दलीय विधायक बने। उस वक्त पुलिस रिकॉर्ड में उनके ऊपर उत्तर प्रदेश और बिहार में कुल 26 मामले दर्ज थे।
इसके बाद साल 2004 में वे रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी के टिकट पर बलिया सीट से सांसद बनें। हत्या के एक मामले में सूरजभान को पुलिस ने आरोपी बनाया। इसको लेकर उस वक्त खूब बवाल मचा था और जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। साल 2009 में निचली अदालत ने सूरजभान समेत सभी अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई हालांकि बाद में सूरजभान को बरी कर दिया गया। सूरजभान की पत्नी वीणा देवी मुंगेर लोकसभा सीट से सांसद रह चुकी हैं।