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07-Mar-2024 05:39 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में नीतीश कुमार औऱ बीजेपी की नयी सरकार बनने के बाद राजद के मंत्रियों के समय हुए फैसलों की जांच करने का निर्देश जारी किया गया था. उसके बाद उन विभागों की समीक्षा जारी है. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने आज पीएचईडी विभाग की समीक्षा के बाद राजद के दौर में हुए 1100 से ज्यादा टेंडर को रद्द करने का निर्देश दिया है. गावों में नल का जल पहुंचाने के लिए हुए इन टेंडरों में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गयी है.
डिप्टी सीएम औऱ पीएचईडी विभाग विजय कुमार सिन्हा ने आज विभाग की समीक्षा बैठक की. इसमें गावों में नल का जल पहुंचाने की योजना की खास तौर पर जांच पड़ताल की गयी. दरअसल नल-जल योजना का काम पहले पंचायतों के जिम्मे था, लेकिन गड़बड़ी की काफी शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने सारा काम पीएचईडी विभाग को सौंप दिया था.
बता दें कि राजद जब सरकार में थी तो ललित यादव इस विभाग के मंत्री हुआ करते थे. बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्होंने वैसे तमाम टेंडरों की समीक्षा की है जो पहले की सरकार में की गयी थी. उऩ्होंने बताया कि नल-जल योजना के तहत पूर्व की सरकार में करीब 47 हजार करोड़ रूपये के काम के लिए टेंडर मांगे गये थे. इनमें से बड़ी संख्या में सिंगल टेंडर औऱ मैनेज करके दो टेंडर वाले काम सामने आये हैं. कई और टेंडर में गडबडी पकड़ी गयी है. इसके बाद गड़बड़ी वाले सारे टेंडर को रद्द करने का निर्देश जारी किया गया है.
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की ओर से फैसला लिया गया था कि गांवों में लगे सारे पंप में इंटरनेट बेस्ड चिप लगाया जाये. इससे सरकार को ये खबर मिलती रहती कि कौन सा पंप कितने देर चलाया गया है. लेकिन पूर्व की सरकार ने ऐसे चिप नहीं लगवाये. अब सारे पंप हाउस में ऐसे चिप लगाने का निर्णय लिया गया है. ऐसे में पंप चलाने में हो रही सारी गड़बड़ी का हिसाब-किताब सरकार के पास रहेगा.
डिप्टी सीएम ने कहा कि विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि वे टेंडर रद्द करने के साथ ही तत्काल फिर से टेंडर निकालें. ताकि गर्मी आने से पहले गांवों का एक भी पंप बंद ना रहे और लोगों के बीच पानी का संकट न हो. सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी चालू करने का फैसला लिया है जो सुबह 6 बजे से रात के 8 बजे तक खुला रहेगा. यहां किसी भी गांव के लोग कॉल कर नल-जल योजना की शिकायत कर सकते हैं.