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11-Dec-2025 12:21 PM
By FIRST BIHAR
Parliament Winter Session: लोकसभा के शीतकालीन सत्र में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर ने सदन के भीतर ई-सिगरेट पीने का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने किसी सांसद का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को तृणमूल कांग्रेस के एक सांसद से जोड़कर देखा जा रहा है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन की कार्यवाही के दौरान ऐसा आचरण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि संसद की प्रतिष्ठा और अनुशासन पर भी सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए और जरूरत पड़ने पर इसकी जांच भी कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उनके बयान के बाद सदन की नजरें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की ओर मुड़ गईं। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद में किसी भी सदस्य को ई-सिगरेट, धूम्रपान या किसी भी प्रतिबंधित गतिविधि की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि नियम सभी सांसदों पर समान रूप से लागू होते हैं और सदन की गरिमा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
ओम बिरला ने यह भी बताया कि अभी तक उन्हें इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, यदि कोई शिकायत या सबूत सामने आता है, तो नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्थान है, और यहां बैठने वाले सभी सांसदों से उच्च स्तर की शालीनता और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है।
उल्लेखनीय है कि भारत में ई-सिगरेट का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम, 2019 के तहत ई-सिगरेट का उत्पादन, बिक्री, आयात, निर्यात और विज्ञापन गैरकानूनी है। इस कानून के उल्लंघन पर जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।