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15-Oct-2025 02:08 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जनता दल यूनाइटेड ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में कुल 57 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें चार महिलाएं हैं, लेकिन एक भी मुस्लिम उम्मीदवार शामिल नहीं है।
दरअसल, भारी गहमागहमी के बीच एनडीए के सभी दलों ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को 71 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी। बीजेपी की पहली लिस्ट में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार का नाम नहीं था। अब जेडीयू ने भी 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है।
जेडीयू की पहली लिस्ट में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि जेडीयू भी बीजेपी की राह पर चल पड़ी है और उसका मुस्लिम वोट से भरोसा उठता जा रहा है हालांकि अभी और भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होनी है। आने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट में मुस्लिम चेहरा शामिल हो सकता है।
पिछले विधानसभा चुनावों में जेडीयू ने 115 उम्मीदवारों की सूची में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को जगह दी थी, लेकिन इनमें से कोई भी जीत नहीं पाया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी जेडीयू ने किशनगंज से मुजाहिद आलम को मैदान में उतारा था, जो कांग्रेस के उम्मीदवार से हार गए थे। पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी से जीत दर्ज करने वाले जमा खान को जेडीयू में शामिल कराया गया था और बाद में उन्हें मंत्री बनाया गया था। अब 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जारी पहली सूची में मुस्लिम उम्मीदवारों का न होना राजनीतिक तौर पर चर्चा का विषय बना है।
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने मुजफ्फरपुर में एक सभा में कहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नीतीश कुमार को वोट नहीं देते, बावजूद इसके मुख्यमंत्री उनके लिए लगातार काम करते रहे हैं। वहीं, लोकसभा सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने सीतामढ़ी से जीत के बाद कहा था कि अब वे यादव और मुस्लिमों के लिए कोई काम नहीं करेंगे क्योंकि उन्होंने उन्हें वोट नहीं दिया।
इन बयानों के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि क्या नीतीश कुमार का मुस्लिम समुदाय से मोहभंग हो रहा है। वक्फ बोर्ड की एक बैठक में भी मुख्यमंत्री के न पहुंचने से इस चर्चा को और बढ़ावा मिला। हालांकि चुनाव से पहले नीतीश कुमार ने मुस्लिम समुदाय द्वारा आयोजित कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर इस चर्चा को शांत करने की कोशिश की थी।