बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान खुले में मीट बेचने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा, अब बिना लाइसेंस के नहीं खुलेंगी दुकानें पेशी के दौरान हाजीपुर कोर्ट से भागने की कोशिश, अपहरण के आरोपी को पुलिस ने दोबारा पकड़ा नीतीश को डिजिटल अरेस्ट किया गया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा..अब चंद्रबाबू नायडू की बारी Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. रेलवे का बड़ा बदलाव: अब प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए QR टिकट जरूरी, जानिए कैसे बुक होगा नया टिकट
23-Sep-2025 05:03 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Politics: विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने आज उन सभी कयासों पर विराम लगाया जिसमें महागठबंधन के घटक दलों में मतभेद की बात सामने आ रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि महागठबंधन में बहुत जल्द सीट बंटवारा हो जाएगा। उन्होंने कहा सभी घटक दल के नेता एक दूसरे के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन में कहीं कोई मतभेद नहीं है।
वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने आगे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आज हुए पुलिस के लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा बिहार में लाठी तंत्र की सरकार है। छात्र नौकरी के लिए जब सड़कों पर उतरते है तो पुलिस लाठी चार्ज करती है। आज तो तब हद हो गई जब शांतिपूर्व प्रदर्शन करने आले युवक कांग्रेस के नेताओं पर लाठी भांजी गई।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को चुनाव के समय हो बिहार की याद आती है। चुनाव समाप्त होने के बाद वे भी गायब हो जातें हैं। भाजपा और जदयू की जोड़ी को बिहार की जनता पहचान चुकी है और अब इन्हें जनता कभी सत्ता नहीं सौंपने जा रही है।
वीआईपी के नेता मुकेश सहनी ने आगे जीएसटी स्लैब में परिवर्तन को लेकर कहा कि यह जीएसटी भी भाजपा सरकार ही लाई थी और अब उसमें कटौती कर खुद अपना पीठ भी थपथपा रही है। जीएसटी के लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए कि आठ साल तक उसने गरीबों से टैक्स वसूल किया।