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04-Jan-2026 11:51 AM
By HARERAM DAS
Bihar Politics: कांग्रेस द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के विरोध को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रिफाइनरी परिसर स्थित दिनकर गेस्ट हाउस में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को भगवान राम के नाम से दिक्कत है, और भारत में जिसे प्रभु श्रीराम से परेशानी होगी, उसे कोई नहीं बचा सकता।
गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मनरेगा को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस योजना में पारदर्शिता लाई गई और अब सीधे मजदूरों के खातों में पैसा जा रहा है। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 10 वर्षों में पूरे देश में 2.13 लाख करोड़ रुपये मनरेगा के तहत दिए, जबकि मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि मजदूरों को दी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहले मनरेगा में 100 दिन से अधिक काम के लिए राज्यों को केंद्र से अनुमति लेनी पड़ती थी, लेकिन अब मोदी सरकार ने राज्यों को अधिकार देते हुए 100 दिन के बदले सवा सौ (125) दिन काम की व्यवस्था लागू की है, जिसमें किसी अनुमति की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण होगा—चाहे वह जीविका भवन हो, विवाह भवन हो या गोदाम। गांव में विकास कार्य पंचायत तय करेगी और उसका प्रदर्शन भी गांव में ही होगा। किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए 60 दिनों का गैप रखा गया है, ताकि खेती के समय मजदूर उपलब्ध रहें।
गिरिराज सिंह ने कहा कि यह सभी फैसले मजदूरों, किसानों और गांवों के समग्र विकास के लिए हैं। उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि गांधी जी गरीबों के उत्थान की बात करते थे, और उसी भावना के तहत मोदी सरकार ने मनरेगा को 100 दिन से बढ़ाकर सवा सौ दिन किया और बजट को 2 लाख करोड़ से बढ़ाकर 8.5 लाख करोड़ से अधिक कर दिया।
अंत में उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए कहा कि कांग्रेस और विपक्ष यह साफ बताए कि उन्हें मजदूरों के लिए 100 दिन से नफरत है या सवा सौ दिन से, ताकि देश की जनता सच्चाई जान सके।