बिहार के बदलते-बदलते खुद बदल गये नीतीश कुमार, तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान खुले में मीट बेचने वालों पर नगर निगम ने कसा शिकंजा, अब बिना लाइसेंस के नहीं खुलेंगी दुकानें पेशी के दौरान हाजीपुर कोर्ट से भागने की कोशिश, अपहरण के आरोपी को पुलिस ने दोबारा पकड़ा नीतीश को डिजिटल अरेस्ट किया गया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी पर बोला हमला, कहा..अब चंद्रबाबू नायडू की बारी Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला Bihar Crime News: सात सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा, 11 साल पुराने मर्डर केस में कोर्ट ने सुनाया फैसला ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती ने UPSC रिजल्ट को लेकर किया था झूठा दावा? संघ लोक सेवा आयोग का आया जवाब, जानिए.. रेलवे का बड़ा बदलाव: अब प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए QR टिकट जरूरी, जानिए कैसे बुक होगा नया टिकट ‘सातवीं बार शादी करने के लिए तैयार हैं पापा, उन्हें रोक लो...’ मदद के लिए थाने पहुंचा नाबालिग बेटा
13-Oct-2025 05:53 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच एनडीए में सीट शेयरिंग पर औपचारिक घोषणा से पहले ही जेडीयू ने अपने उम्मीदवारों को पार्टी का चुनाव चिह्न (सिंबल) देना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, उम्मीदवारों को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर सिंबल सौंपा जा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर प्रदेश अध्यक्ष ललन सिंह और वरिष्ठ नेता संजय झा की मौजूदगी में यह प्रक्रिया जारी है। अब तक कई प्रमुख नेताओं को सिंबल दिया जा चुका है। सबसे पहले प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा को सिंबल सौंपा गया।
इसके अलावा मोकामा से पूर्व विधायक अनंत सिंह को जेडीयू का सिंबल मिला है। अनंत सिंह की तरफ से उन के प्रतिनिधि ने सिंबल लिया है। वहीं मंत्री सुनील कुमार, जमालपुर से उम्मीदवार शैलेश कुमार, पूर्व मंत्री दामोदर रावत, और मंत्री रत्नेश सादा को भी सिंबल दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि चुनावों की घोषणा से पहले ही पार्टी अपने प्रमुख उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी कर चुकी है, इसीलिए बिना सीटों के औपचारिक बंटवारे के ही सिंबल बांटे जा रहे हैं हालांकि अब तक एनडीए के भीतर सीट शेयरिंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जेडीयू की इस सक्रियता से यह साफ है कि पार्टी ने अपनी रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है।