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15-Oct-2025 01:01 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में एक बार फिर रघुनाथपुर विधानसभा सीट चर्चा में है। यहां इस बार मुकाबला सिर्फ दलों का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं का बन गया है—विकास बनाम विरासत। जहां राष्ट्रीय जनता दल अपने दिवंगत कद्दावर नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन की विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश में है, वहीं एनडीए संगठन की ताकत और जमीनी कार्यकर्ताओं पर भरोसा जता रहा है।
दरअसल, 14 अक्टूबर 2025 को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने विधानसभा चुनावों के लिए कई प्रत्याशियों की घोषणा की। इसमें सबसे अहम नाम ओसामा शहाब का रहा, जिन्हें रघुनाथपुर सीट से पार्टी का उम्मीदवार बनाया गया है। ओसामा, शहाबुद्दीन के बेटे हैं और उनकी मां हिना शहाब के साथ पिछले वर्ष अक्टूबर 2024 में RJD में शामिल हुए थे। तभी से उनके चुनावी डेब्यू की अटकलें लगाई जा रही थीं।
इस सीट को खाली करने का फैसला वर्तमान विधायक हरीशंकर यादव ने किया है, जो दो बार RJD के टिकट पर जीत चुके हैं। उन्होंने ओसामा शहाब के लिए यह राजनीतिक बलिदान देकर यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी यहां शहाबुद्दीन की विरासत को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर चल रही है।
ओसामा शहाब के खिलाफ NDA ने जेडीयू प्रत्याशी विकास कुमार सिंह उर्फ जिशु सिंह को मैदान में उतारा है। रघुनाथपुर सीट इस बार जेडीयू के खाते में आई है। विकास सिंह भले ही मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर कम दिखते हों, लेकिन पार्टी संगठन में उनकी गहरी पकड़ और मेहनती कार्यकर्ता की छवि उन्हें मजबूत बनाती है।
विकास सिंह पिछले कई वर्षों से संगठनात्मक काम में सक्रिय हैं और बूथ-स्तर तक प्रभावशाली पकड़ रखते हैं। स्थानीय लोग उन्हें “काम करने वाला कार्यकर्ता” मानते हैं, जो हर वर्ग के बीच लोकप्रिय हैं। NDA के लिए यह चुनाव उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और अवसर दोनों है।
रघुनाथपुर का यह चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि यहां दो अलग-अलग राजनीतिक मॉडल आमने-सामने हैं। RJD की ओर से ओसामा शहाब को दिवंगत नेता की विरासत और हरीशंकर यादव के समर्थन का फायदा मिल सकता है। वहीं NDA के पास विकास सिंह की स्थानीय पकड़, संगठन में अनुभव और कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम है।
बहरहाल, विधानसभा चुनाव में रघुनाथपुर की जनता यह तय करेगी कि वह विकास की राह चुनेगी या विरासत की छाया में लौटेगी। मुकाबला बेहद रोचक हो चुका है और दोनों दलों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का विषय बन गई है।


