Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीख बस अब घोषित होने वाली है, लेकिन सियासी गहमागहमी पूरे शबाब पर है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीति तय करने और सीट शेयरिंग को लेकर फुर्ती में नजर आ रहे हैं। ऐसे माहौल में कांग्रेस पार्टी ने भी चुनावी तैयारी को धार देना शुरू कर दिया है। हाल ही में नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में स्क्रीनिंग कमेटी की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें बिहार विधानसभा की 17 वर्तमान सीटिंग सीटों पर फिर से मौजूदा विधायकों को टिकट देने का निर्णय लिया गया है।


यह बैठक स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन की अध्यक्षता में हुई, जिसमें बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता मदन मोहन झा समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। यह निर्णय पार्टी के आंतरिक सर्वे और वर्तमान विधायकों के प्रदर्शन के आधार पर लिया गया है।


बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शेष सीटों पर संभावित उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श कर स्क्रीनिंग कमेटी उन्हें अंतिम रूप देगी। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पहले ही पटना में एक बैठक कर पार्टी आलाकमान को उम्मीदवार तय करने के लिए अधिकृत कर दिया था। उसी के तहत टिकट की फाइल दिल्ली भेजी गई, जहां इस पर चर्चा हुई।


गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा थी और उसने 70 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिनमें से सिर्फ 19 सीटों पर ही जीत मिल पाई थी। बाद में पार्टी के दो विधायक – बिक्रम से सिद्धार्थ सौरव और चेनारी से मुरारी प्रसाद गौतम एनडीए में शामिल हो गए। इस प्रकार अब कांग्रेस के पास 17 विधायक ही शेष रह गए हैं।


इस बार कांग्रेस नेतृत्व ने तय किया है कि ये 17 सीटिंग विधायक ही 2025 के विधानसभा चुनाव में फिर से मैदान में उतरेंगे। पार्टी का मानना है कि नए उम्मीदवार लाने से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए जहां मजबूत पकड़ है वहां पुराने चेहरों को ही मौका दिया जाएगा।


कांग्रेस के 17 सीटिंग विधायकों के नाम-

1.    अररिया - अविदुर रहमान

2.    किशनगंज- इजाहरुल हुसैन

3.    कसबा- मोहम्मद आफाक आलम

4.    कदवा- शकील अहमद खान

5.    मनिहारी- मनोहर प्रसाद सिंह

6.    मुजफ्फरपुर- बिजेंद्र चौधरी

7.    महाराजगंज - विजय शंकर दुबे

8.    राजापाकर- प्रतिमा दास

9.    खगड़िया- छत्रपति यादव

10.    भागलपुर- अजीत शर्मा

11.    जमालपुर- अजय कुमार सिंह

12.    बक्सर- संजय कुमार तिवारी

13.    राजपुर- विश्वनाथ राम

14.    करगहर- संतोष मिश्रा

15.    कुटुंबा- राजेश राम

16.    औरंगाबाद- आनंद शंकर सिंह

17.    हिसुआ- नीतू कुमारी