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17-Nov-2025 07:36 AM
By First Bihar
Bihar politics: बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया आज, सोमवार 17 नवंबर से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज यानी सोमवार की सुबह 11:30 बजे कैबिनेट बैठक बुलाई है। बैठक मुख्य सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल कक्ष में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में मंत्रिमंडल को भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लगेगी, जिसके बाद वर्तमान मंत्रिपरिषद स्वतः समाप्त मानी जाएगी और सभी मंत्री पूर्व मंत्री के रूप में माने जाएंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व के प्रति आभार प्रस्ताव भी पारित किया जाएगा, जैसा कि सरकार के अंतिम कैबिनेट बैठक में परंपरागत रूप से होता आया है।
कैबिनेट की बैठक समाप्त होते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन जाएंगे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही वर्तमान सरकार औपचारिक रूप से भंग हो जाएगी और नई सरकार गठन की राह खुल जाएगी। इस्तीफा सौंपने के बाद नीतीश कुमार पुनः मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे, जहां एनडीए विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में एनडीए गठबंधन के सभी नवनिर्वाचित विधायक हिस्सा लेंगे और विधायक दल का नेता चुना जाएगा। परंपरानुसार, नीतीश कुमार को ही नेता चुने जाने की पूरी संभावना है।
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद नीतीश कुमार उसी शाम राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। चूंकि एनडीए को विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत मिला है, इसलिए सरकार गठन में किसी प्रकार की बाधा नहीं है। दावा पेश किए जाने के बाद राजभवन नई सरकार के शपथग्रहण की तिथि और समय की औपचारिक घोषणा करेगा।
इस बार शपथग्रहण समारोह राजभवन के बजाय पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। 19 नवंबर को होने वाले इस समारोह को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राष्ट्रीय नेता शपथग्रहण में शामिल होंगे। समारोह को भव्य रूप देने के लिए बड़े मंच, विशेष सुरक्षा व्यवस्था, वीवीआईपी गेट, हजारों नागरिकों के लिए बैठने की व्यवस्था और मीडिया गैलरी की तैयारी की जा रही है।
गांधी मैदान में इससे पहले भी दो अवसरों पर नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, एक बार 2005 में और दूसरी बार 2015 में, जब महागठबंधन को रिकॉर्ड बहुमत मिला था। इस बार भी भारी जनादेश का सम्मान करने और जनता की सहभागिता को बढ़ाने के उद्देश्य से गांधी मैदान को शपथस्थल चुना गया है। 19 नवंबर को होने वाला यह शपथग्रहण केवल नई सरकार के गठन का औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार की नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत भी माना जा रहा है। एनडीए की प्रचंड बहुमत वाली सरकार से विकास, प्रशासन और स्थायित्व को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं।