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18-Feb-2026 12:22 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Assembly: बिहार विधान परिषद की कार्यवाही शुरू हो गई है। विपक्ष ने बिहार में चल रही बोर्ड और इंटर की परीक्षा में लेट से पहुंचने के कारण छात्र-छात्राओं को परीक्षा से वंचित किए जाने का मामला आज विधान परिषद में जोरदार तरीके से उठाया। जिसपर सभापति ने सदस्यों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस पूरे मामले पर गंभीर है और इसको जरूर देखेगी।
दरअसल, बिहार विधान परिषद में विपक्ष की महिला सदस्यों के के अलावा पुरुष सदस्यों ने भी इसको लेकर सरकार पर सवाल उठाए। विधान पार्षद संजीव कुमार सिंह ने सदन में कहा कि परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण अगर कोई छात्र और छात्रा परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से नहीं रोका जाए। यह कहीं न कहीं चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि इसको बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को देखना चाहिए कि एक छात्र या छात्रा कई वर्षों के अध्ययन के बाद मैट्रिक की परीक्षा देने जा रहा है और उसे परीक्षा से वंचित कर दिया जाए, तो उनके मन मस्किष्क पर क्या असर पड़ेगा। इसके बाद बीजेपी सदस्य नवल किशोर यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को एक जगह से दूसरी अनभिज्ञ जगह भेजा जाता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और उसके परिजनों को पता नहीं होता है कि कहां ट्रैफिक की समस्या हो जाएगी। सबचीज व्यवस्थित होने के बावजूद इतना जाम लगता है कि उससे बचना मुश्किल हो जाता है। या तो छात्र-छात्रा को होम सेंटर कर दिया जाए या बगल के स्कूलों में उनका सेंटर दिया जाए लेकिन जब छात्रों को 30 से 40 किलोमीटर दूर भेजा जाएगा तो इसपर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए।
जिसपर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि सरकार और मंत्री सदन में बैठे हुए हैं। सदन में सदस्यों की इतनी बाते आई हैं तो सरकार जरूर इसके ऊपर संज्ञान लेगी और सरकार और सभी लोग इसको लेकर संवेदनशील हैं और इसको जरूर देखेंगे।