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23-Jul-2025 12:54 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Assembly Monsoon session: बिहार विधान मंडल का आखिरी सत्र खूब सुर्खियां बटोर रहा है. मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध का मामला हो, सदन में हंगामे का मामला हो या नीतीश तेजस्वी के बीच बहस का मामला, सभी मामलों की खूब चर्चा हुई. लेकिन इस बीच एक तस्वीर ऐसी आई की सभी मामलों को पीछे छोडते हुए सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बन गई. बुधवार को सदन में हुए हंगामे के बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी साथ नजर आए.
क्यों साथ नजर आए डिप्टी सीएम विजय सिन्हा अशोक चौधरी
बुधवार को विधानसभा में सर मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई. सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव ने अपने तरीके से सदन में बातें रखीं. लेकिन इसी बीच आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र ने सदन में कुछ ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद हंगामा मच गया. जेडीयू और बीजेपी के विधायक एक साथ भाई वीरेन्द्र का विरोध करने लगे. सरकार की ओर से डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और अशोक चौधरी ने भी भाई वीरेन्द्र के बयान का जमकर विरोध किया. इतना ही नहीं दोनों ने विपक्ष के आचरण को लेकर सदन के बाहर मीडिया के सामने एक साथ प्रेस कान्फ्रेंस की. ये अब तक के इतिहास में पहला मौका था जब विजय सिन्हा और अशोक चौधरी किसी प्रेस कान्फ्रेंस नें एक साथ नजर आए.
विजय अशोक का साथ आना खास क्यों
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और अशोक चौधरी का साथ आना क्यों खास है इसकी चर्चा हो रही है. दरअसल दो दिन पहले ही एनडीए विधान मंडल दल की बैठक के दौरान डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और मंत्री अशोक चौधरी में जमकर बहस हुई थी. डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने जिले में ग्रामीण कार्य विभाग की हुई बैठक में स्थानीय विधायक को नहीं बुलाए जाने पर सवाल खडे किए थे. डिप्टी सीएम का इशारा सूर्यगढा के विधायक प्रहलाद यादव को स्थानीय स्तर पर हुई मीटिंग में नहीं बुलाने के संदर्भ में था. चूंकि प्रहलाद यादव ने फ्लोर टेस्ट के दौरान आरजेडी के विधायक रहते एनडीए सरकार को समर्थन दिया था इसलिए उनको सम्मान देना गठबंधन धर्म को निभाने जैसा है ये सलाह दे डाली थी.
ग्रामीण कार्य विभाग के ग्लोबल टेंडरिंग पर भी थी नाराजगी
एनडीए की बैठक में बीजेपी के कई विधायकों ने ग्रामीण कार्य विभाग के ग्लोबल टेंडरिंग मामले पर भी सवाल खडे किए थे. विजय सिन्हा ने बैठक के दौरान कहा कि चुनाव का वक्त है ऐसे फैसलों से विधायकों को नुकसान हो सकता है. पूरा टेंडर चार से पांच बडे कॉन्ट्रैक्टर को दे दिया गया. ये प्रक्रिया बिलकुल सही नही है. अशोक चौधरी ने विजय सिन्हा के आरोपों पर सफाई दी और दोनों के बीच जमकर बहस हुई थी.
डैमेज कंट्रोल में जुटे विजय अशोक
दरअसल, एनडीए की बैठक में दोनों नेताओं के बीच हुई बहस पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गई. चुनाव से पहले एनडीए के दो शीर्ष नेताओं के बीच की लडाई गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकती है, इस बात का एहसास जेडीयू और बीजेपी दोनों को है. दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व ने दोनों नेताओं को आपसी तनाव कम करने की हिदायत दी है. जिसके बाद बुधवार को दोनों नेताओं ने साथ में प्रेस कान्फ्रेंस कर ये मैसेज देने की कोशिश की एनडीए में सब आल इज वेल है.