Bihar New Train: बिहार को आधा दर्जन नई ट्रेनों की सौगात, रेल यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत; इस दिन से होगी शुरुआत Bihar New Train: बिहार को आधा दर्जन नई ट्रेनों की सौगात, रेल यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत; इस दिन से होगी शुरुआत Bihar Crime News: बिहार में ट्रक से 30 लाख रुपए की विदेशी शराब बरामद, तस्करी के नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस Farmer Registry ID Bihar : बिहार में Farmer Registry ID बनी किसानों के लिए नई परेशानी, पैतृक जमीन वाले किसान योजनाओं से हो रहे वंचित Bihar News: बिहार ने दर्ज की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि, देशभर में चौथा स्थान हासिल कर रचा इतिहास Bihar News: बिहार ने दर्ज की एक और ऐतिहासिक उपलब्धि, देशभर में चौथा स्थान हासिल कर रचा इतिहास Bihar News: होली से पहले BSRTC चलाएगी 149 नई डीलक्स बसें, बिहार से दिल्ली और पंजाब से लेकर इन 9 राज्यों का सफर होगा आसान Bihar News: होली से पहले BSRTC चलाएगी 149 नई डीलक्स बसें, बिहार से दिल्ली और पंजाब से लेकर इन 9 राज्यों का सफर होगा आसान Bihar education news : शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही ! जेल में बंद शिक्षक को 22 महीने तक मिलता रहा वेतन, ऐसे खुला पोल Bihar corruption : सरकारी राशन और आवास योजना का लाभ उठा रहे तेजस्वी के नेता! पूर्व विधायक की पत्नी के नाम राशन कार्ड, अब SDO ने दिए जांच के आदेश
23-Jul-2025 02:10 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Assembly Monsoon session: मारपीट के मामले में दो साल की सजा होने के बाद अपनी विधायकी गवां चुके बीजेपी के पूर्व विधायक मिश्रीलाल यादव ने फिर से सदस्यता बहाल करने के लिए विधानसभा स्पीकर नंदकिशोर यादव को पत्र लिखा है। उन्होंने स्पीकर को लिखे पत्र में कहा है कि पटना हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिल चुकी है ऐसे में उनकी विधानसभा सदस्यता को फिर से बहाल किया जाए।
दरअसल, पूरा मामला साल 2019 का है। समैला के रहने वाले उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने 17 अप्रैल 2020 को मामले पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने बीजेपी विधायक मिश्री लाल को दोषी करार देते हुए तीन महीने की जेल और 500 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई थी।
बाद में कोर्ट ने इसी मामले में मिश्रीलाल यादव और सह-आरोपी सुरेश यादव को दो-दो वर्ष का सश्रम कारावास और एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई थी। दरभंगा की एमपी-एमएलए कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। कोर्ट से दो साल की सजा मिलने के बाद विधानसभा स्पीकर ने मिश्रीलाल की सदस्यता को रद्द कर दिया था और उन्हें अयोग्य करार दिया था।
इस फैसले को चुनौती देते हुए मिश्रीलाल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से कोर्ट ने उन्हें दोष मुक्त कर दिया। अब जब हाई कोर्ट से मिश्री लाल को राहत मिल गई है तो एक बार फिर से विधायकी बहाल कराने के लिए उन्होंने स्पीकर को पत्र लिखा है। उन्होंने इसे विपक्ष की साजिश करार दिया है।