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26-Sep-2025 09:29 AM
By First Bihar
Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो चुकी है। सियासी गलियारों में रणनीतिक बैठकों, योजनाओं के शुभारंभ और रैलियों का सिलसिला लगातार जारी है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल एनडीए, महागठबंधन और कांग्रेस अब महिला मतदाताओं को केंद्र में रखकर अपने-अपने पत्ते खोल रहे हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत 75 लाख महिलाओं को 10,000 की पहली किस्त प्रदान की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को स्वरोज़गार की दिशा में प्रेरित करना है। 6 महीने के भीतर सफल लाभार्थियों को 2 लाख तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। यह योजना जदयू की महिला मतदाताओं को लुभाने की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
भाजपा भी महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर पीछे नहीं है। पार्टी ने महिलाओं के लिए ‘लाडली बहन योजना’, संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और समाज में महिला नेतृत्व को प्रोत्साहित करने जैसी योजनाएं सामने रखी हैं। केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि महिलाओं के विकास के बिना राज्य का विकास अधूरा है।
इधर, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी महिला मतदाताओं को साधने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। पहले 'बहिनी योजना' और अब हाल ही में 'MAA योजना' का ऐलान कर उन्होंने संकेत दे दिया है कि RJD इस बार महिलाओं को लेकर बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। 'MAA योजना' के तहत महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा का वादा किया गया है।
कांग्रेस ने महिला मतदाताओं तक पहुंचने के लिए ‘महिला संवाद यात्रा’ की शुरुआत की है, जिसकी कमान खुद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने संभाल रही हैं। आज यानी शुक्रवार को वे मोतिहारी में एक जनसभा को संबोधित करेंगी और पटना में महिला संवाद कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगी। इससे पहले वे राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा में भी शामिल होकर बिहार का दौरा कर चुकी हैं।
वहीं, महागठबंधन की ओर से शुक्रवार को महिला घोषणापत्र यानी “महिला संकल्प पत्र” जारी किया जाएगा है। जानकारी के अनुसार, इसमें महिला सुरक्षा, शिक्षा, अधिकार, और हिंसा के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा। खास वादा यह भी होगा कि बलात्कार पीड़िता की FIR हर हाल में 24 घंटे में दर्ज की जाएगी। इससे पहले महिलाओं के उत्थान के लिए इसमें RJD की 'माई-बहन सम्मान योजना' को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 2500 की आर्थिक सहायता सीधे खाते में दी जाएगी।
महागठबंधन इससे पहले EBC यानी अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी घोषणापत्र जारी कर चुका है, जिसमें 30% आरक्षण, अत्याचार निवारण कानून, और सामाजिक न्याय से जुड़े 10 बड़े वादे शामिल थे। इस संकल्प पत्र को राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, और महागठबंधन के अन्य दलों ने मिलकर जारी किया था।
बहरहाल, देखना दिलचस्प होगा की कौन सी राजनीतिक दल महिलाओं को लुभाने में सफल होती है और महिलाएं किसे अपने उत्थान का श्रेय देने के लिए चुनती है? अभी सियासत की खेल जारी है और राजनीतिक पार्टियां अपने अपने समीकरण से महिलाओं को अपने समर्थन में लाने की कवायद कर रही है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि महिलाएं किनके दांवों पर भरोसा दिखाती हैं और किन्हें बस चुनावी जुमले समझ कर नकार देती हैं।