10-10 हजार कब दोगे? नाराज जीविका दीदियों ने JDU कार्यालय को घेरा, नीतीश सरकार पर लगाए यह आरोप 10-10 हजार कब दोगे? नाराज जीविका दीदियों ने JDU कार्यालय को घेरा, नीतीश सरकार पर लगाए यह आरोप Factory Blast: आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका, हादसे में 7 मजदूरों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी Factory Blast: आयरन फैक्ट्री में जोरदार धमाका, हादसे में 7 मजदूरों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी Bihar ration card : बिहार में राशन कार्डधारकों पर सख्त कार्रवाई, 11,300 कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू; जानिए क्या है वजह पश्चिमी चंपारण में बुजुर्ग से 51 हजार की ठगी, जेब में 20 की गड्डी रख 500 के बंडल ले उड़े उचक्के Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सरकार से सवाल Bihar Politics: नेता या मंत्री किसके बेटे को बचा रही है पुलिस? NEET छात्रा मौत मामले पर पप्पू यादव का सरकार से सवाल Nawada road accident : अज्ञात वाहन की टक्कर से नाबालिग की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल; मातम का माहौल Smriddhi Yatra: कल इस जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा, 850 करोड़ की योजनाओं की देंगे सौगात
30-Nov-2025 07:58 PM
By FIRST BIHAR
Avadha Ojha: मशहूर टीचर और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी की सदस्यता भी छोड़ दी है। इसी वर्ष उन्होंने AAP के टिकट पर दिल्ली की पटपड़गंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जहां उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अवध ओझा ने कहा कि राजनीति छोड़ने के बाद वे पहले से ज्यादा खुश हैं, क्योंकि अब वे अपने मन की बात बिना किसी दबाव के कह सकते हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से राजनीति में आने का सपना था, इसलिए चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन चुनावी अनुभव ने उन्हें एहसास कराया कि वे राजनीति के लिए बने ही नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि “राजनीति करने की उत्कंठा थी। चुनाव लड़ने की चाहत थी। पटपड़गंज की जनता का सम्मान मिला, लेकिन चुनाव के बाद समझ आया कि राजनीति मुझे नहीं करनी चाहिए थी। इसलिए संन्यास ले लिया।” ओझा ने आगे कहा कि पार्टी में रहते हुए उन्हें कई बातों पर चुप रहना पड़ता था। “अब कोई फोन कर नहीं कहेगा कि ये मत बोलो, वो मत बोलो। अब जो दिल करेगा, वही बोलूंगा। कोई रोकने वाला नहीं है।”
बता दें कि कोचिंग जगत में अवध ओझा एक बड़ा नाम हैं। 3 जुलाई 1984 को यूपी के गोंडा में जन्मे ओझा बचपन से IAS बनने का सपना लेकर दिल्ली आए, लेकिन UPSC परीक्षा में सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पढ़ाना शुरू किया और अपनी रोचक शिक्षण शैली के कारण कोचिंग दुनिया में तेजी से प्रसिद्ध हो गए।
वे सोशल मीडिया पर भी खासे लोकप्रिय हैं और कई बड़े IAS संस्थानों में पढ़ा चुके हैं। दिल्ली चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने करारी शिकस्त दी थी।