Bihar Vidhan Sabha : “अपराध पर नहीं, जाति पर कार्रवाई!” भाई वीरेंद्र का आरोप – यादवों को बनाया जा रहा निशाना, CM नीतीश को लेकर भी कही यह बातें Bihar Expressway Project : बिहार में 5 एक्सप्रेसवे, 12 पुल और 1300 पदों पर नौकरी का ऐलान, पटना पहुंचने का समय होगा 4 घंटे Ram Rajya : अयोध्या पहुंचे स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का बड़ा बयान, बोले- 550 साल के संघर्ष के बाद बना राम मंदिर, देश में हो रही रामराज्य की स्थापना Bihar road accident news : बारात में जा रही स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, तीन की मौत; मातम में बदला ख़ुशी का माहौल Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा बजट सत्र: सातवें दिन भी हंगामे के आसार, कई विभागों पर होगी चर्चा Hajipur Sadar Hospital : हाजीपुर सदर अस्पताल में DM की रेड, दो दलाल गिरफ्तार; सात एम्बुलेंस जब्त Bihar Special Bus : होली-ईद पर प्रवासी बिहारियों के लिए खुशखबरी, मात्र इतने रुपए में बुक करवा सकेंगे टिकट; जानिए सरकार का प्लान Bihar teachers duty : शिक्षकों की ड्यूटी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, अब सिर्फ इन्हीं कामों में ही लगाई जाएगी जिम्मेदारी Bihar Police : बिहार पुलिस SI भर्ती में इंटरव्यू का एडमिट कार्ड इस दिन होगा जारी, जानिए डाउनलोड करने का आसान तरीका Patna encounter : पटना में सुबह-सुबह एनकाउंटर, अपराधी घायल; इलाज के लिए एनएमसीएच में भर्ती
09-Dec-2020 05:49 PM
PATNA : बिहार में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या में चार गुणा बढ़ोतरी हुई है. लगभग एक वर्ष पहले तक राज्य में मात्र 250 वाहन प्रदूषण जांच केंद्र विभिन्न जिलों में संचालित थे. अब इसकी संख्या बढ़कर 1000 हो गया है. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा नियमों में बदलाव किए जाने के बाद जिलों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. अगले साल 2021 में 1000 और नए वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगे.
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न जनोपयोगी सुविधाओं के साथ रोजगार सृजन विभाग की प्राथमिकता है. नए प्रदूषण जांच केंद्र खुलने से लोगों को रोजगार का एक विकल्प मिला है. वाहनों के प्रदूषण की जांच और आम लोगों की सहूलित के लिए राज्य भर में पर्याप्त संख्या में प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगें. अधिक से अधिक वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खुले और आम लोग भी केंद्रों को चला सकें इसके लिए बिहार मोटर नियमावली, 1992 के नियमों में संशोधन किया गया है.
परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब इंटर (साइंस) पास व्यक्ति भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र चला सकते हैं. पूर्व में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिग्रीधारी या डिप्लोमाधारी को ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखा जाना आवश्यक था. लेकिन, वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की पर्याप्त संख्या में वृद्धि हो सके, इसके लिए इंटरमीडिएट या 12वीं कक्षा (विज्ञान के साथ) उत्तीर्ण व्यक्ति को वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखे जाने का प्रावधान किया गया है.
अब प्रदूषण जांच केंद्र खोलने हेतु लाइसेंस लेने के लिए लोगों को पटना आने का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है. हर जिले के प्रखंडों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का लाइसेंस जिला परिवहन पदाधिकारी दे रहे हैं. पूर्व में यह अधिकार राज्य परिवहन आयुक्त के पास था. हर प्रखंड में कम से कम एक वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगे. इसके साथ ही पेट्रोल पंप, वाहन विक्रय केंद्र एवं सर्विस सेंटर में भी केंद्र खोलने के प्रोत्साहित किया जा रहा है. चलंत प्रदूषण जांच केंद्रों की स्थापना के लिए भी प्रावधान किये गये हैं ताकि अधिक से अधिक वाहनों की जांच की जा सके.
राज्य में अधिक से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना हो सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लिये जाने वाले अनुज्ञप्ति, नवीकरण, आवेदन सहित अन्य शुल्क में कमी की गई है. साथ ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों का लाइसेंस या लाइसेंस का रिन्यूअल आसानी से हो सके इसके लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करने की व्यवस्था की गई है.
वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने के लिए निर्धारित शुल्क :-
1. प्रदूषण जांच केंद्र की अनुज्ञप्ति निर्गत करने के लिए फीस- ₹5000
2. प्रदूषण जांच केंद्र की अनुज्ञप्ति की नवीकरण करने के लिए फीस- ₹5000
3. प्रदूषण जांच केंद्र की द्वितीयक अनुज्ञप्ति निर्गत करने के लिए पहले फीस- ₹500
4. प्रदूषण जांच केंद्र के अनुज्ञप्ति निर्गमनध/नवीकरण करने हेतु आवेदन फीस- ₹1000