Vijay Sinha : टोल फ्री सेवा में लापरवाही पर उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा का औचक निरीक्षण, CSC सेंटर में मचा हड़कंप; हेडफ़ोन लगा खुद सुनने लगे शिकायत Saraswati Puja 2026: 23 जनवरी को मनाई जाएगी बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा की तैयारी में जुटे छात्र, जानिए मां शारदे की पूजा का महत्व? train stone pelting : ट्रेनों पर पत्थरबाजी मामले में बिहार-बंगाल नहीं, यहां से आते हैं टॉप पत्थरबाज; नाम सुनकर आप भी चौंक जाएंगे ONLINE गेमिंग विवाद में दहला वैशाली, लालगंज गोला बाजार में सरेआम फायरिंग bomb blast : नीतीश कुमार के समृद्धि यात्रा कार्यक्रम के बीच सिवान में धमाका, एक की मौत; पुलिस ने जांच शुरू की Bihar schools : बिहार शिक्षा विभाग ने जारी किया निर्देश, 31 जनवरी को सभी स्कूलों में जुटेंगे अभिभावक; पढ़िए क्या है पूरा आदेश मुंगेर में युवक की बहादुरी, गंगा में डूब रही 2 महिलाओं की मनोज ने बचाई जान, ट्रैफिक डीएसपी बोले..सूझबूझ और साहस से बची दो जिंदगियां Bihar Bhumi: सरकारी जमीन का सबसे बड़ा दुश्मन कौन..? पूर्वी चंपारण में बड़ा-बड़ा खेल- तत्कालीन DCLR-CO वाली कमेटी ने 'हाट-बाजार' वाली 2 एकड़ जमीन का 'प्रकार' बदला और हो गए मालामाल Bihar commercial building rules : बिहार में रियल एस्टेट नियम बदले, अब 70% भूमि पर व्यावसायिक भवन निर्माण संभव ऑक्सीजन हटाने पर सवाल करना मरीज के परिजनों को पड़ गया महंगा, बेतिया GMCH के जूनियर डॉक्टरों ने कर दी पिटाई
23-Mar-2021 05:31 PM
PATNA : बिहार विधानसभा में आज नीतीश की पुलिस ने लोकतंत्र को लात-जूतों से रौंद डाला. नीतीश की पुलिस विधानसभा परिसर में विधायकों को लात-जूतों से पीटती रही. उधर सदन में सरकार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक पास कराने में लगी थी. पुलिस को असीमित अधिकार देने वाले इस विधेयक के खिलाफ विपक्ष के सारे विधायक अध्यक्ष के चेंबर के बाहर धरना पर बैठ गये थे. विधानसभा अध्यक्ष ने पुलिस बुलायी थी औऱ पुलिस ने लोकतंत्र को रौंद डाला. पुलिस की पिटाई से कई विधायक घायल हुए हैं. दो विधायक बेहोश हो गये.
पुलिस ने लात-जूतों से विधायकों को पीटा
दरअसल बिहार विधानसभा में विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक पर चर्चा होनी थी. दिन के तीन बजे अध्यक्ष ने जैसे बिल पर चर्चा की अनुमति दी, सदन में हंगामा मच गया. राजद-कांग्रेस, माले समेत तमाम विपक्षी विधायकों ने इस विधेयक के विरोध में हंगामा खड़ा कर दिया. तमाम विपक्षी विधायक वेल में आ गये. भारी हंगामे के बीच अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों को मार्शल आउट कराने का निर्देश दिया. विधायकों को मार्शल ने सदन से बाहर निकाला. इस बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गयी.

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्षी विधायक विधानसभा अध्यक्ष के चैंबर के सामने धरना पर बैठ गये. अध्यक्ष के कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया. उधर सदन की कार्यवाही साढ़े चार बजे से फिर शुरू होनी थी. साढ़े चार बजे सदन में कार्यवाही शुरू होनी थी. कार्यवाही शुरू होने के लिए घंटी बजने लगी. लेकिन अध्यक्ष अपने कमरे में बंद थे. विपक्षी विधायक उन्हें कमरे से बाहर निकलने नहीं दे रहे थे.
पटना एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने विधायकों को पीटा
उधर सरकार हर हाल में पुलिस विधेयक को सदन से पारित कराने पर आमदा थी. लिहाजा विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी विधायकों को अपने चैंबर के सामने से हटाने के लिए पुलिस बुला ली. पटना के डीएम-एसपी खुद विधानसभा पहुंचे औऱ पुलिस बल के साथ विधायकों को खदेड़ना शुरू कर दिया. करीब 100 विपक्षी विधायकों को हटाने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के सैक़ड़ों जवानों को भी बुला लिया गया था. पटना एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस ने विधायकों को पीटना शुरू कर दिया.
लात-जूतों से विधायकों की पिटाई का वीडियो
फर्स्ट बिहार के पास विधायकों की बर्बर पिटाई का वीडियो है. पटना एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस लात-जूतों से विधायकों को पीट रही थी. आरजेडी के विधायक सुधाकर सिंह को पहले विधानसभा की सीढ़ियों पर पीटा गया. फिर उन्हें विधानसभा परिसर में पुलिसकर्मी ने लात-जूते से पीटा. सुधाकर सिंह आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे हैं.

उधर पुलिस की पिटाई से सीपीएम विधायक सत्येंद्र यादव बेहोश हो गये. विधायक सत्येंद्र यादव को पटक कर पुलिस ने पीटा. पुलिस की बर्बर पिटाई के बाद सत्येंद्र यादव घायल हो गये. आरजेडी के विधायक सतीश दास औऱ माले विधायक सुदामा प्रसाद को भी पुलिस ने जमकर पिटाई की. सतीश दास भी पुलिस पिटाई से बेहोश हो गये. पुलिस ने दर्जनों विधायकों को बर्बर तरीके से पीटा.हद ये थी कि महिला विधायकों को भी नहीं छोड़ा गया. कई महिला विधायक अपने शरीर पर जख्म के निशान को दिखा रही थीं.
क्यों हो रहा है नीतीश के नये विधेयक का विरोध
दरअसल नीतीश कुमार ने बिहार मिलिट्री पुलिस यानि बीएमपी को विशेष सशस्त्र पुलिस में तब्दील करने का विधेयक लाया है. इसमें पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी के साथ साथ किसी की भी तलाशी लेने का पॉवर दिया गया है. विपक्ष इसे काला कानून बताते हुए इसका जमकर विरोध कर रहा है. कल ही पूरे राज्य में माले कार्यकर्ताओं ने बिल की प्रति जलायी थी. आज सदन में इसके खिलाफ ही भारी हंगामा हुआ.