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27-Jan-2023 08:19 AM
By First Bihar
PATNA : बिहार की राजनीति में एक बार फिर से नया मोड़ आने वाला है। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह जेडीयू के अंदर तनातनी की स्थिति देखने को मिल रही है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जल्द ही पार्टी के अंदर बड़ी टूट देखने को मिल सकती है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से जेडीयू संसदीय दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के ऊपर या आरोप लगा रहे हैं कि पार्टी पहले जितना मजबूत नहीं रही पार्टी का जनाधार कमजोर हुआ है यह नीतीश कुमार और पार्टी के लिए बहुत ही दुखदाई छन है। जिसके बाद उनके पार्टी की तरफ से या कहा जाने लगा कि कुशवाहा जदयू से उठ चुके हैं और नए विकल्प की तलाश में हैं।
वहीं, इस को लेकर जो कुशवाहा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह हर हाल में नीतीश कुमार के साथ हैं और जो सच्चाई है वहीं उन्होंने कहा है। जबकि इस मसले पर सीएम नीतीश कुमार से जब पत्रकारों ने सवाल किया तो उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी पहले से अधिक मजबूत हुई है और जो ऐसा बोल रहे हैं वह गलत बोल रहे हैं यदि उनकी मनसा कहीं जाने की हो तो जल्दी चले जाएं।
इसके बाद कुशवाहा ने बिहार की राजनीति में एक और बड़ा धमाका किया उन्होंने ट्वीट करके लिखा कि, ऐसे कैसे चले जाएं बड़े भाई बिना अपनी हिस्सेदारी लिए हुए। जिसके बाद उनके ही पार्टी के लोग उनके ऊपर गर्म हो गए और लोग यह पूछने लगे कि आख़िर कुशवाहा को किस तरह का हिस्सेदारी चाहिए।
इतना ही नहीं, नीतीश कुमार के सबसे करीबी कहे जाने वाले नेताओं द्वारा यह कहा जाना शुरू कर दिया गया कि, कुशवाहा हिस्सेदार नहीं बल्कि किराएदार हैं और वह आटा - चावल बेचा करते थे उन पर नीतीश कुमार के कृपा हुई कि आज वह एक नेता बने हुए हैं। उनको खुद इस बात पर शर्मिंदा होना चाहिए और जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी त्यग पत्र दे देना चाहिए।
वहीं इस पूरे प्रकरण के बाद अब एक बार फिर से उपेंद्र कुशवाहा ने बीती रात ट्वीट कर यह कहा है कि, इस मसले पर बातचीत करने को लेकर आज वह उपस्थित हैं जिनको जो भी सवाल करना है वह इसको लेकर तैयार हैं।
आपको बताते चलें कि, सीएम नीतीश कुमार और जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बीच इन दिनों जुबानी जंग छिड़ गई है। जिसके बाद यह कहा जा रहा है कि कुछ दिन पहले जो प्रकरण आरसीपी सिंह के साथ हुआ था वहीं प्रकरण अब उपेंद्र कुशवाहा के साथ होने वाला है। ऐसे में आज का दिन काफी महत्वपूर्ण आने वाला है। क्योंकि, आज के दिन उम्मीद जताई जा रही है कि कुशवाहा यह निर्णय ले सकते हैं कि उनके आगे की रणनीति और राजनीति कैसे तय होगी।