Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Sorry Papa.. गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखी दिल की बात Bihar Bhumi Survey: बिहार में 'भूमि सर्वे' को लेकर तय हुई समय सीमा, सरकार का ऐलान- अब नहीं चलेगी ढिलाई Bihar News: बिहार में ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर, सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो; देखिए.. Bihar Crime News: बेतिया से लापता हुईं पांच नाबालिग लड़कियां यहां से हुईं बरामद, आखिर एकसाथ कहां चली गईं थीं? Bihar Crime News: बेतिया से लापता हुईं पांच नाबालिग लड़कियां यहां से हुईं बरामद, आखिर एकसाथ कहां चली गईं थीं? Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया पर अहम सुनवाई, 32 साल बाद वकील के रूप में दिखेंगी सीएम ममता बनर्जी Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट में SIR प्रक्रिया पर अहम सुनवाई, 32 साल बाद वकील के रूप में दिखेंगी सीएम ममता बनर्जी Bullet Train: बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, नई कनेक्टिविटी और रोजगार के खुलेंगे द्वार; इन जिलों को होगा सीधा लाभ Bullet Train: बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, नई कनेक्टिविटी और रोजगार के खुलेंगे द्वार; इन जिलों को होगा सीधा लाभ
29-Jul-2021 11:16 AM
PATNA : देश में जातीय जनगणना कराए जाने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज बिहार विधानसभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया. तेजस्वी यादव ने सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में खड़े होकर अपनी तरफ से दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की बाबत सदन को जानकारी दी. हालांकि स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें प्रश्नोत्तर काल के बाद इस मामले पर विचार करने का भरोसा दिया, जिसके बाद तेजस्वी बैठ गए.
तेजस्वी यादव ने कहा है कि जातीय जनगणना देश में अभी सबसे बड़ा मुद्दा है. एनडीए सरकार देश के 70 फ़ीसदी पिछड़े और अति पिछड़े हिंदुओं की जातीय जनगणना क्यों नहीं करना चाहती. इसका जवाब तलाशना होगा. केंद्र राज्य में इन वर्गों के कोटे से बने मंत्री नकारे साबित हो रहे हैं.
तेजस्वी यादव की तरफ से विधानसभा में जो ध्यानाकर्षण का प्रस्ताव दिया गया, उसमें बताया गया है कि विकासात्मक कार्यों को बेहतरी देने और समाज के जो वर्ग युवाओं से अपेक्षित प्रगति नहीं कर रहे हैं. उनकी जनसंख्या कितनी है, इसकी जानकारी के लिए भारत सरकार की तरफ से हर 10 साल पर जनगणना की जाती है.
साल 2021 में भी जनगणना होनी है. लेकिन भारत सरकार ने जनगणना में पिछड़े वर्ग और अति पिछड़े वर्ग की जातीय जनगणना नहीं कराए जाने की जानकारी संसद में दी है. जातीय जनगणना आज की जरूरत है. अगर यह नहीं कराई जाती तो पिछड़े और अति पिछड़े हिंदुओं की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सही आकलन नहीं हो सकेगा.
इस संबंध में देश के संपूर्ण राज्यों में संपूर्ण जातियों की जनगणना कराने के लिए बिहार विधान सभा की तरफ से एक उच्चस्तरीय सर दिल्ली एक कमेटी पीएम मोदी से मुलाकात करें और उनसे अनुरोध करें इसकी आवश्यकता है.