ब्रेकिंग न्यूज़

पटना नीट छात्रा मौत मामला: CBI ने मामा और प्रभात मेमोरियल के संचालक से की पूछताछ, जांच में देरी पर उठ रहे सवाल पटना नीट छात्रा मौत मामला: CBI ने मामा और प्रभात मेमोरियल के संचालक से की पूछताछ, जांच में देरी पर उठ रहे सवाल पटना में बड़ा हादसा: भरभराकर गिरी निर्माणाधीन पुल की दीवार, बाल- बाल बची चार मजदूरों की जान पटना में बड़ा हादसा: भरभराकर गिरी निर्माणाधीन पुल की दीवार, बाल- बाल बची चार मजदूरों की जान Bihar teacher transfer : बिहार में TRE-3 शिक्षक ट्रांसफर का बड़ा अपडेट, जानें कब मिलेगा आपका पसंदीदा स्थान; विभाग ने कर दिया क्लियर उम्मीद लड़कों से ज्यादा रखते… पास लड़कियों को कर देते हैं, इंटरमीडिएट छात्र की बेबाक लाइन पढ़कर मास्टर साहब दंग नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, बिहार STF ने भारी मात्रा में विस्फोटक के साथ PLFI के दो सदस्यों को दबोचा नक्सलियों की बड़ी साजिश नाकाम, बिहार STF ने भारी मात्रा में विस्फोटक के साथ PLFI के दो सदस्यों को दबोचा Indian Railways : ट्रेन का खाना कितना पुराना ? IRCTC की नई सुविधा से मिलेगा जवाब; इस तरह आप भी ताजा और सुरक्षित भोजन का मजा मुजफ्फरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़, दो शातिर अपराधी गिरफ्तार

Home / news / तेजस्वी ने विधानसभा में उठाया जातीय जनगणना का मामला, कार्यस्थगन प्रस्ताव लेकर आये

तेजस्वी ने विधानसभा में उठाया जातीय जनगणना का मामला, कार्यस्थगन प्रस्ताव लेकर आये

29-Jul-2021 11:16 AM

PATNA : देश में जातीय जनगणना कराए जाने की मांग को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आज बिहार विधानसभा में कार्य स्थगन का प्रस्ताव दिया. तेजस्वी यादव ने सुबह 11 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में खड़े होकर अपनी तरफ से दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव की बाबत सदन को जानकारी दी. हालांकि स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने उन्हें प्रश्नोत्तर काल के बाद इस मामले पर विचार करने का भरोसा दिया, जिसके बाद तेजस्वी बैठ गए.


तेजस्वी यादव ने कहा है कि जातीय जनगणना देश में अभी सबसे बड़ा मुद्दा है. एनडीए सरकार देश के 70 फ़ीसदी पिछड़े और अति पिछड़े हिंदुओं की जातीय जनगणना क्यों नहीं करना चाहती. इसका जवाब तलाशना होगा. केंद्र राज्य में इन वर्गों के कोटे से बने मंत्री नकारे साबित हो रहे हैं. 


तेजस्वी यादव की तरफ से विधानसभा में जो ध्यानाकर्षण का प्रस्ताव दिया गया, उसमें बताया गया है कि विकासात्मक कार्यों को बेहतरी देने और समाज के जो वर्ग युवाओं से अपेक्षित प्रगति नहीं कर रहे हैं. उनकी जनसंख्या कितनी है, इसकी जानकारी के लिए भारत सरकार की तरफ से हर 10 साल पर जनगणना की जाती है. 


साल 2021 में भी जनगणना होनी है. लेकिन भारत सरकार ने जनगणना में पिछड़े वर्ग और अति पिछड़े वर्ग की जातीय जनगणना नहीं कराए जाने की जानकारी संसद में दी है. जातीय जनगणना आज की जरूरत है. अगर यह नहीं कराई जाती तो पिछड़े और अति पिछड़े हिंदुओं की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का सही आकलन नहीं हो सकेगा. 


इस संबंध में देश के संपूर्ण राज्यों में संपूर्ण जातियों की जनगणना कराने के लिए बिहार विधान सभा की तरफ से एक उच्चस्तरीय सर दिल्ली एक कमेटी पीएम मोदी से मुलाकात करें और उनसे अनुरोध करें इसकी आवश्यकता है.