ब्रेकिंग न्यूज़

पटना लूट कांड का खुलासा: 20 लाख लूट मामले में एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी हाजीपुर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई, 50 हजार घूस लेते खनन विभाग के दो कर्मचारी रंगेहाथ गिरफ्तार पटना में रामनवमी पर हाई अलर्ट, महावीर मंदिर समेत प्रमुख स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के प्रबंध BIHAR: गांव के दबंगों ने दलित युवक को बेरहमी से पीटा, पुलिस से लगाई न्याय की गुहार Bihar News: गंगा में नहाने गए चार दोस्त… अचानक गहराई में समाए, दो की दर्दनाक मौत से गांव में मचा कोहराम बिहार में खनन विभाग की उपलब्धियां: अब तक 3,252 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली, 24 खनन योद्धाओं को किया गया सम्मानित Bihar News: लाइसेंस खत्म, करोड़ों का बकाया… फिर भी चलता रहा बस स्टैंड, अब प्रशासन ने कसा शिकंजा आरा कोर्ट में पवन सिंह ने तलाक की मांग दोहराई, पत्नी ज्योति सिंह नहीं हुईं पेश बिजली चोरी पकड़ने गई टीम पर हमला: JE समेत कर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, एक गिरफ्तार, दर्जनों पर केस दर्ज रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल में बिहार का पहला सफल लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट, मरीज को मिली नई जिंदगी

Home / news / सुप्रीम कोर्ट को मिला नया झंडा और प्रतीक चिह्न, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू...

सुप्रीम कोर्ट को मिला नया झंडा और प्रतीक चिह्न, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया अनावरण

02-Sep-2024 07:13 AM

By First Bihar

PATNA : राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट का ध्वज और प्रतीक चिह्न जारी किया। जिसमें अशोक चक्र, सर्वोच्च न्यायालय भवन और भारत के संविधान के प्रतीक शामिल हैं। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, यह हमारे सामाजिक जीवन का एक दुखद पहलू है कि, कुछ मामलों में, साधन-सम्पन्न लोग अपराध करने के बाद भी निर्भीक और स्वच्छंद घूमते रहते हैं। जो लोग उनके अपराधों से पीड़ित होते हैं, वे डरे-सहमे रहते हैं, मानो उन्हीं बेचारों ने कोई अपराध कर दिया हो। 


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की 75वीं वर्षगांठ पर नए झंडे का अनावरण हुआ। सुप्रीम कोर्ट के नए झंडे पर संस्कृत भाषा में 'यतो धर्मस्य ततो जय' लिखा हुआ है। जिसका अर्थ है 'जहां धर्म है वही विजय है।' राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर नए झंडे और प्रतीक चिह्न का अनावरण किया। सुप्रीम कोर्ट के इस नए ध्वज में संस्कृत श्लोक 'यतो धर्मस्ततो जयः' लिखा गया है, जिसका मतलब है जहां धर्म है, वहां विजय होगी। इस झंडे के सबसे ऊपर अशोक चक्र, बीच में सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग और सबसे नीचे संविधान की किताब है। इस नए ध्वज और प्रतीक चिह्न का इस्तेमाल क्रॉस टेबल फ्लैग, सिंगल टेबल फ्लैग, कार फ्लैग, पोल फ्लैग और वुडन फ्रैम में भी किया जाएगा।


इस दौरान मुर्मू ने कहा कि न्याय की रक्षा करना देश के सभी न्यायाधीशों की जिम्मेदारी है। अदालती माहौल में आम लोगों का तनाव का स्तर बढ़ जाता है। उन्होंने इस विषय पर अध्ययन का भी सुझाव दिया। उन्होंने महिला न्यायिक अधिकारियों की संख्या में वृद्धि पर भी प्रसन्नता व्यक्त की। इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ और केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी शामिल हुए। राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सुप्रीम कोर्ट का ध्वज और प्रतीक चिह्न भी जारी किया।


इसके अलावा सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने रविवार को कहा कि जिला स्तर पर केवल 6.7 प्रतिशत अदालतों का बुनियादी ढांचा महिलाओं के अनुकूल है और इस स्थिति को बदलने की जरूरत है. जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि अदालतें समाज के सभी सदस्यों के लिए सुरक्षित और सहज वातावरण प्रदान करें।