ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: वन विभाग के भ्रष्ट रेंजर को 28 सालों बाद मिली सजा, 1500 रुपये लेते हुआ था गिरफ्तार Bihar News: वन विभाग के भ्रष्ट रेंजर को 28 सालों बाद मिली सजा, 1500 रुपये लेते हुआ था गिरफ्तार Bihar Crime News: बिहार में नाबालिक छात्रा से दुष्कर्म, लड़की को कमरे में बंद कर जबरन किया गंदा काम सत्यदेव हॉस्पिटल ने किया फ्री हेल्थ कैंप का आयोजन, मरीजों को दी गई मुफ्त चिकित्सीय सलाह सत्यदेव हॉस्पिटल ने किया फ्री हेल्थ कैंप का आयोजन, मरीजों को दी गई मुफ्त चिकित्सीय सलाह Inland Water Transport: बिहार में अंतर्देशीय जल परिवहन को मिलेगा बड़ा विस्तार, गंगा की तरह विकसित होंगे ये राष्ट्रीय जलमार्ग Inland Water Transport: बिहार में अंतर्देशीय जल परिवहन को मिलेगा बड़ा विस्तार, गंगा की तरह विकसित होंगे ये राष्ट्रीय जलमार्ग Bihar Crime News: घर से गायब महिला का नाले से मिला शव, पति पर हत्या करने का आरोप Bihar Crime News: घर से गायब महिला का नाले से मिला शव, पति पर हत्या करने का आरोप बिहार में अजब प्रेम की गजब कहानी: प्रेमी जोड़े ने घर से भागकर रचाई शादी, वीडियो शेयर कर लगा रहे यह गुहार

दहेज लोभियों ने की थी मां-बेटी की हत्या, सास-ससुर, देवर सहित पति को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

दहेज लोभियों ने की थी मां-बेटी की हत्या, सास-ससुर, देवर सहित पति को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

20-Feb-2022 01:49 PM

By AKASH KUMAR

AURANGABAD: सोने की चेन और एक लाख रुपये के लिए ससुरालवालों ने बहू और उसकी बेटी की निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी पति, देवर और सास-ससुर को आजीवन कारावास की सजा सुनायी साथ ही दस हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया। औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के जिला जज मनोज कुमार तिवारी ने कुटुंबा थाना कांड संख्या 140/19 में सुनवाई करते हुए सजा सुनायी। बता दें कि मृतका के भाई ने मामला दर्ज कराया था और न्याय मिलने में दो साल का वक्त लगा। 


गौरतलब है कि मामला औरंगाबाद का है। एक लाख रुपए कैश और सोने की चेन के लिए 26 नवंबर 2019 की रात को विवाहिता आरती कुमारी और उसकी डेढ़ साल की बेटी की हत्या ससुरालवालों ने मिलकर कर दी थी। जिसमें खुद उसका पति, देवर और सास-ससुर शामिल थे। शादी के ढाई साल बाद इस घटना को ससुराल के लोगों ने अंजाम दिया। इस दौरान डेढ़ साल की बच्ची को भी नहीं बख्शा। 


खुदवां थाना क्षेत्र के मदुआ गांव की रहने वाले मृतका के भाई अमरेश कुमार ने कुटुंबा थाने में एफआईआरदर्ज कराया था। जिसमें मृतका के पति, सास, ससुर एवं देवर को आरोपित बनाया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था लेकिन सास-ससुर और देवर जमानत पर बाहर आ गए थे लेकिन पति जेल में ही था। 2 सालों तक चली सुनवाई के बाद सभी नामजद आरोपियों को 15 फरवरी 2022 को भादंसं धारा 304 बी/ 34 में दोषी करार दिया गया। जिसके बाद सभी को सजा सुनाई गयी। 


सोने की चेन और एक लाख रुपए के लिए पति और ससुरालवाले आरती को हमेशा प्रताड़ित किया करते थे। मांग पूरी नहीं होने पर उसे अक्सर मारा पीटा करते थे। उसे शारिरीक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया करते थे। इसकी मांग बार-बार की जा रही थी। जिसे पूरा करने में विवाहिता के मायकेवाले असमर्थ थे। लेकिन ससुराल पक्ष के लोग मजबुरी समझने को तैयार नहीं थे। उनके द्वारा धमकी दी जाने लगी। उन्हें समझाने की कोशिश की गयी लेकिन वे लोग समझने को तैयार नहीं थे। और एक दिन दहेज की मांग पूरा नहीं होता देख ससुरालवाले और पति ने मिलकर आरती और उसकी डेढ साल की मासुम बच्ची को जहर देकर मार डाला। 26 नवम्बर 2019 की रात को इस घटना को अंजाम दिया गया था।