अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
01-Feb-2023 03:37 PM
By First Bihar
PATNA: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2023 को अमृत काल का बजट बताया। सीतारमण के इस बयान पर पलटवार करते हुए राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि जब यह अमृत काल का बजट है तो पहले वाला बजट क्या नर्क काल का था? इसमें अमृत, नर्क और स्वर्ग कहा से आ गया। हम अमृत और नर्क काल नहीं जानते। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनके मंत्रियों के साथ-साथ राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी यह कह दिया कि उन्होंने ना बजट को देखा है और ना सुना ही है।
पटना में पत्रकारों ने जब केंद्रीय बजट को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि हमारी तबीयत खराब थी इसलिए हमने ना तो बजट देखा और सुना है। केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए सिद्दीकी ने कहा कि वादा तेरा वादा झूठा है तेरा वादा..यही वादा सच्चा है तो बेरोजगारों को रोजगार दीजिए, महंगाई कम कीजिए, कल कारखानों को चुनाव से पहले चालू कराए और किसानों की समस्याएं सुनी जाए।
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि देश में बेरोजगारी बढ़ी है। 4 साल वाला बहाली लोग कर रहे हैं। करोड़ों पद रिक्त पड़े हैं भरे नहीं जा रहे। रेल और प्लेन का किराया घटा नहीं..नौकरी के अवसर बढ़े नहीं..तो यह लफ्फाजी ही तो है..चुनाव में धूल झौकने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस बजट को अमृतकाल के बजट करार दिया जिसे लेकर सिद्दीकी ने कहा कि यदि वो इसे अमृत काल का बजट मान रही हैं तो इससे पहले वाला बजट नर्क काल का बजट था क्या? इसमें अमृत काल, नर्क काल और स्वर्ग काल कहा से आ गया। हम अमृत और नर्क काल नहीं जानते। सीतारमण इसे अमृत काल कह रही है हम उन्ही से पूछना चाहते हैं कि पहले वाला बजट नर्क काल था क्या?