ब्रेकिंग न्यूज़

मुंगेर में झंडोत्तोलन के दौरान स्कूल प्रशासन की बड़ी लापरवाही आई सामने, वीडियो वायरल कामेश्वर धार्मिक न्यास की बागडोर अब राज परिवार के कुमारों के हाथ, 108 मंदिरों के संरक्षण का संकल्प मोतिहारी में खेलने के दौरान 12 साल के बच्चे को लगी गोली, हालत नाजुक शंकराचार्य अपमान और UGC नियमों के विरोध में सिटी मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा, कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री जानिये? बिहार में नहीं थम रहा जमीन विवाद का मामला: SSB जवान को अपराधियों ने मारी गोली, इलाके में दहशत क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती क्या है UGC का नया नियम? जिसको लेकर पूरे देश में मचा बवाल, विरोध में मजिस्ट्रेट ने दिया इस्तीफा; सुप्रीम कोर्ट में चुनौती सिक्सर के छह गोली छाती में रे.., कट्टा, कानून और कफन, सुलगते कटिहार की खौफनाक दास्तान गोपालगंज में नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, पीड़िता की सूझबूझ से टली बड़ी घटना मुजफ्फरपुर में देशभक्ति का महासैलाब: 1100 फीट लंबे तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा

शास्त्रों में दी गई गाली को अमृत कैसे समझें, चंद्रशेखर बोले- एक सच बोला हूं अभी कई बोलना बाकी

शास्त्रों में दी गई गाली को अमृत कैसे समझें, चंद्रशेखर बोले- एक सच बोला हूं अभी कई बोलना बाकी

22-Feb-2023 07:25 PM

By First Bihar

SUPAUL: रामचरितमानस को लेकर विवादित टिप्पणी कर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने नीतीश सरकार की खूब फजीहत कराई थी। बिहार की सियासत में यह मामले लंबे समय तक गर्म रहा था। सीएम की नसीहत के बावजूद चंद्रशेखर लगातार हिंदू धर्म ग्रंथों पर सवाल उठा रहे हैं। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने सुपौल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि शास्त्रों में दी गई गाली को हम आशीर्वाद नहीं समझ सकते हैं। एक सत्य बोल चुके हैं अभी और कई सत्य बोलने बाकी हैं।


दरअसल, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवारा को सुपौल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर की देन है कि बहुजन और शोषित समाज के लोग आज पढ़ाई कर सकते हैं हालांकि पाखंडी चाहते हैं कि हम मूर्ख बनकर रहें और शास्त्रों में दी गई गाली को आशीर्वाद समझे। उन्होंने कहा कि एक सच तो पहले बोल चुके हैं अभी और कई सच बोलने बाकी हैं, समय आने पर उसे भी बोलेंगे।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि मीडिया सच को झूठ बनाने का काम कर रही है। उन्होंने फिर कहा कि हम एकलव्य की संतान हैं, अंगूठा देना नहीं चाहते, जबाब देना जानते हैं। गाली को अमृत कैसे समझ सकते हैं। पंडित लोग तारना का अर्थ अलग-अलग बताते हैं, हमें हिंदी और संस्कृत की डिक्शनरी देखना अच्छी तरह से आता है। इस दौरान उन्होंने मोहन भागवत के उस बयान की भी चर्चा की जिसमें भागवत ने कहा था कि ईश्वर ने जातियां नहीं बनाई बल्कि पंडितों ने लोगों को जाति में बांटने का काम किया।

SUPAUL: रामचरितमानस को लेकर विवादित टिप्पणी कर शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने नीतीश सरकार की खूब फजीहत कराई थी। बिहार की सियासत में यह मामले लंबे समय तक गर्म रहा था। सीएम की नसीहत के बावजूद चंद्रशेखर लगातार हिंदू धर्म ग्रंथों पर सवाल उठा रहे हैं। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने सुपौल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि शास्त्रों में दी गई गाली को हम आशीर्वाद नहीं समझ सकते हैं। एक सत्य बोल चुके हैं अभी और कई सत्य बोलने बाकी हैं।


दरअसल, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवारा को सुपौल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए जमकर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि भीमराव अंबेडकर की देन है कि बहुजन और शोषित समाज के लोग आज पढ़ाई कर सकते हैं हालांकि पाखंडी चाहते हैं कि हम मूर्ख बनकर रहें और शास्त्रों में दी गई गाली को आशीर्वाद समझे। उन्होंने कहा कि एक सच तो पहले बोल चुके हैं अभी और कई सच बोलने बाकी हैं, समय आने पर उसे भी बोलेंगे।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि मीडिया सच को झूठ बनाने का काम कर रही है। उन्होंने फिर कहा कि हम एकलव्य की संतान हैं, अंगूठा देना नहीं चाहते, जबाब देना जानते हैं। गाली को अमृत कैसे समझ सकते हैं। पंडित लोग तारना का अर्थ अलग-अलग बताते हैं, हमें हिंदी और संस्कृत की डिक्शनरी देखना अच्छी तरह से आता है। इस दौरान उन्होंने मोहन भागवत के उस बयान की भी चर्चा की जिसमें भागवत ने कहा था कि ईश्वर ने जातियां नहीं बनाई बल्कि पंडितों ने लोगों को जाति में बांटने का काम किया।