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सुप्रीम कोर्ट में काम नहीं आये जहानाबाद के शरजिल इमाम के पैंतरे, कोर्ट ने शरजिल को राहत देने से इंकार किया

सुप्रीम कोर्ट में काम नहीं आये जहानाबाद के शरजिल इमाम के पैंतरे, कोर्ट ने शरजिल को राहत देने से इंकार किया

20-Jun-2020 06:43 AM

DESK : भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को काट कर अलग कर देने की साजिश रचने वाले शरजिल इमाम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. शरजिल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकारों का पक्ष जाने बगैर वो कोई फैसला नहीं ले सकती. लिहाजा जेल में कैद शरजिल को राहत मिलने की संभावना फिलहाल खत्म हो गयी है.  


दरअसल शरजील इमाम ने याचिका के जरिये सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगायी है कि उसके खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों को मिला कर एक कर दिया जाये. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित प्रदेशों की सरकारों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से शरजिल के खिलाफ पांच राज्यों में केस दर्ज है. इस मामले से संबंधित सभी पांच राज्यों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. मालूम हो कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम पर देश विरोधी और भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. 


सुप्रीम कोर्ट में शरजिल की याचिका दायर होने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश ने जवाब दाखिल कर दिया है. लेकिन, असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये इस मामले की सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वो सभी राज्यों के जवाब देखे बिना कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकती. दरअसल शरजिल के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने वाली असम सरकार के वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की. इस पर अदालत ने कहा कि वो समय देने को तैयार है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है.

अदालत ने कहा कि तीन राज्यों को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है. इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जायेगा. लिहाजा अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध कर दी. 

हम आपको बता दें कि बिहार के जहानाबाद के रहने वाले शऱजिल इमाम ने CAA के खिलाफ प्रदर्शन के समय देश को बांटने की साजिश रची थी. दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिये गये भाषणों में उसने उत्तर पूर्व के राज्यों को देश से अलग कर देने की साजिश रची थी. इसके बाद उसके खिलाफ पांच राज्यों में मामले दर्ज किये गये हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश के साथ साथ उसके खिलाफ असम, अरूणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी केस दर्ज किया गया था. 

बिहार का रहने वाला शरजिल इमाम केस दर्ज होने के बाद भाग खड़ा हुआ था. इसे दिल्ली पुलिस की टीम ने बिहार के जहानाबाद से पकडा था. शरजिल इमाम जेडीयू के पूर्व नेता का पुत्र है. गिरफ्तारी के बाद अलग अलग राज्यों की पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की है.

DESK : भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को काट कर अलग कर देने की साजिश रचने वाले शरजिल इमाम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. शरजिल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकारों का पक्ष जाने बगैर वो कोई फैसला नहीं ले सकती. लिहाजा जेल में कैद शरजिल को राहत मिलने की संभावना फिलहाल खत्म हो गयी है.  


दरअसल शरजील इमाम ने याचिका के जरिये सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगायी है कि उसके खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकियों को मिला कर एक कर दिया जाये. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि संबंधित प्रदेशों की सरकारों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले से शरजिल के खिलाफ पांच राज्यों में केस दर्ज है. इस मामले से संबंधित सभी पांच राज्यों का जवाब मिले बिना कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया जा सकता है. मालूम हो कि देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार जेएनयू के छात्र शरजील इमाम पर देश विरोधी और भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. 


सुप्रीम कोर्ट में शरजिल की याचिका दायर होने के बाद दिल्ली और उत्तर प्रदेश ने जवाब दाखिल कर दिया है. लेकिन, असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमणियन की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये इस मामले की सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि वो सभी राज्यों के जवाब देखे बिना कोई अंतरिम आदेश पारित नहीं कर सकती. दरअसल शरजिल के खिलाफ देशद्रोह का केस दर्ज करने वाली असम सरकार के वकील ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए और समय की मांग की. इस पर अदालत ने कहा कि वो समय देने को तैयार है. सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है.

अदालत ने कहा कि तीन राज्यों को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है. इसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जायेगा. लिहाजा अदालत ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध कर दी. 

हम आपको बता दें कि बिहार के जहानाबाद के रहने वाले शऱजिल इमाम ने CAA के खिलाफ प्रदर्शन के समय देश को बांटने की साजिश रची थी. दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में दिये गये भाषणों में उसने उत्तर पूर्व के राज्यों को देश से अलग कर देने की साजिश रची थी. इसके बाद उसके खिलाफ पांच राज्यों में मामले दर्ज किये गये हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश के साथ साथ उसके खिलाफ असम, अरूणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी केस दर्ज किया गया था. 

बिहार का रहने वाला शरजिल इमाम केस दर्ज होने के बाद भाग खड़ा हुआ था. इसे दिल्ली पुलिस की टीम ने बिहार के जहानाबाद से पकडा था. शरजिल इमाम जेडीयू के पूर्व नेता का पुत्र है. गिरफ्तारी के बाद अलग अलग राज्यों की पुलिस टीम ने उससे पूछताछ की है.