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स्कूल में चूड़ा-मूढ़ी खाते ही दो दर्जन बच्चे हुए बीमार, सांस लेने में हुई तकलीफ; अब हॉस्पिटल में हुए एडमिट

स्कूल में चूड़ा-मूढ़ी खाते ही दो दर्जन बच्चे हुए बीमार, सांस लेने में हुई तकलीफ; अब हॉस्पिटल में हुए एडमिट

11-Sep-2024 09:38 AM

By First Bihar

BANKA : बिहार के बांका से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही है। यहां जिले के बौसी थाना क्षेत्र के पिलुआ गांव स्थित सुदामा विद्या निकेतन के करीब 24 से अधिक बच्चे विषाक्त भोजन खाने से बीमार पड़ गए। यहां विद्यालय के बच्चों ने शाम को जैसे ही नाश्ता किया एक के बाद एक लगातार बच्चे अचानक बीमार पड़ने लगे। बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी गले में दर्द होने लगा। इसके बाद विद्यालय के शिक्षक बच्चों को लेकर बौसी रेफरल अस्पताल पहुंचे। वही ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ उत्तम कुमार एवं डॉक्टर आरके सिंह ने बच्चों का इलाज करना शुरू किया। 


वहीं, बच्चों की हालत को खराब होता देख उन्हें ऑक्सीजन लगाया गया। इसके बाद कुछ बच्चों की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी एवं उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी इसके बाद चिकित्सक ने एक के बाद एक 14 बच्चों को बेहतर इलाज हेतु मायागंज एवं बांका सदर अस्पताल रेफर कर दिया। जिनमे 8 वर्षीय छात्र सोहिल कुमार, बंटी कुमार, डेजी कुमारी, अनुष्का रानी, 12 वर्षीय आदित्य कुमार, कुणाल कुमार और 9 वर्षीय दिलखुश कुमार सहित अन्य हैं। शेष बच्चों का इलाज बौसी रेफरल अस्पताल में देर रात तक किया जा रहा था।


इसके साथ ही सूचना मिलने के बाद कुछ परिजन रेफरल अस्पताल पहुंच गए। बढ़ते भीड़ को देखते हुए अस्पताल प्रबंधक अमित कुमार द्वारा बांका एवं बाराहाट से भी एंबुलेंस को बुलाया गया। वही मौके पर मौजूद डॉ आरके सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। अधिकांश बच्चे ठीक हैं और खतरे से बाहर है। काफी संख्या में बच्चों के परिजन रेफरल अस्पताल जुट गए और बच्चों का हाल-चाल जानने लगे। जानकारी हो बौसी प्रखंड के पिलुआ गांव स्थित सुदामा विद्या निकेतन में करीब 200 बच्चे आवासीय रहकर पढ़ते हैं।


उधर, इस घटना को लेकर रेफरल अस्पताल में कुछ बच्चों ने बताया कि दोपहर में उन्होंने चावल, दाल, सब्जी खाया था। शाम में चूड़ा, मूढ़ी, सब्ज़ी खाया था। खाते ही उनकी हालत बिगड़ने लगी। वही रात देर रात तक बच्चों के परिजन कोल्हासार, कानिबेल पलनीया वृंदावन गंगटी रजौन बाराहाट आदि जगहों से पहुंचकर अपने बच्चों की हालत जानने के लिए अस्पताल में एवं स्कूल में जुटे रहे। इधर स्कूल संचालक आनंद राज ने बताया कि बच्चों को खाना खाने के बाद तबियत बिगड़ी तो अस्पताल लाया गया।