नालंदा की घटना पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख, पीड़ितों को हर संभव मदद का दिया भरोसा नालंदा की घटना पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने जताया दुख, पीड़ितों को हर संभव मदद का दिया भरोसा बिहार में पुलिस-अपराधी मुठभेड़: दो रिटायर्ड आर्मी जवान समेत पांच बदमाश गिरफ्तार, दो राइफल और लग्जरी वाहन जब्त बिहार में पुलिस-अपराधी मुठभेड़: दो रिटायर्ड आर्मी जवान समेत पांच बदमाश गिरफ्तार, दो राइफल और लग्जरी वाहन जब्त गुरु जी की हरकतों से मचा बवाल: छात्राओं ने खोली शिक्षक की पोल, ग्रामीणों ने दी स्कूल में तालाबंदी की चेतावनी बिहार में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई: मुखिया समेत 15 लोग गिरफ्तार, उत्पाद विभाग का सख्त अभियान पहले पति की बेरहमी से हत्या… अब पत्नी ने दो मासूम बच्चों संग उठाया खौफनाक कदम, तीनों की हालत नाजुक देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? देशभर में 1 अप्रैल से लागू होंगे नए श्रम कानून, सैलरी, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा में बड़े बदलाव; क्या होगा असर? पटना में परिवहन विभाग की सख्ती: 800 से अधिक BH सीरीज वाहनों पर जुर्माना, 575 वाहनों से भारी वसूली
07-Nov-2022 11:59 AM
PATNA : सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर तबके को 10% आरक्षण दिए जाने के फैसले पर सुनवाई करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट के पांच सदस्यीय बेंच में से 3 न्यायाधीशों ने EWS आरक्षण के सरकार के फैसले को संवैधानिक ढांचे का उल्लंघन नहीं माना है। । चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस रवींद्र भट्ट ने EWS के खिलाफ फैसला सुनाया है, जबकि जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने पक्ष में फैसला सुनाया है। वहीं,इसके बाद अब इस पुरे मामले को लेकर भाजपा के राज्यसभा मेंबर और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने इस आरक्षण के विरोध में रही राजद पर जोरदार हमला बोला है।
बिहार भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के तरफ से आर्थिक रूप से कमजोर तबके को 10% आरक्षण दिए जाने के फैसले को सुरक्षित रखते हुए जो फैसला सुनाया गया है वह सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब इस फैसले के बाद राजद को सोचना होगा कि आखिरकार आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आने वाले लोगों मिलने वाला 10 % आरक्षण के विरोध में संसद के दोनों सदनों में मतदान करने के बाद अब किस मुहं से सवर्णों का वोट मांगने उनके पास जाएंगे।
इसके आगे उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी इस निर्णय के विरोध में सदन का वहिष्कार किया था, ऐसे में अब राजद और आम आदमी पार्टी को सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से कमजोर तबके से आने वाले लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए और उसको बताना चाहिए कि आखिकार वह किस मुंह से उनका वोट मांगने उनके पास जाएगा, क्यूंकि इन लोगों को उन्हें बताना पड़ेगा की आखिरकार किस वजह से उन्होंने इसका विरोध किया था।