ब्रेकिंग न्यूज़

परिवहन विभाग के ESI को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चेक पोस्ट पर वसूली की शिकायत पर SP ने कराया अरेस्ट विवेका पहलवान की पुण्यतिथि पर 3 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय महा दंगल, आयोजन स्थल का जायजा लेने पहुंचे अनंत सिंह Bihar News: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र को भी धनवान बना दिया, छह ठिकानों पर रेड में जमीन के 25 डीड मिले, चाय बगान से लेकर नर्सिंग होम और भी बहुत कुछ.... सुकृष्णा कॉमर्स एकेडमी का कार्यक्रम: ‘प्रतिभा सम्मान समारोह सह ओरिएंटेशन प्रोग्राम 2026’ का भव्य आयोजन “तुमसे सुंदर तो मेरी कामवाली है…” SHO का महिला के साथ अभद्र व्यवहार, वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप मुजफ्फरपुर: सादे लिबास में पुलिस की पैनी नजर, हथियार सहित युवक गिरफ्तार बिहार में अपराधियों का तांडव जारी: ऑटो चालक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर इश्क बना मौत का जाल… बेटी के प्यार से भड़के पिता ने रची खौफनाक साजिश, जंगल में लटका मिला प्रेमी जोड़ा गोपालगंज: कृष्णा सिंह हत्याकांड का खुलासा, 5 अपराधी गिरफ्तार

Home / news / संजय करोल ने जातीय जनगणना पर सुनवाई से खुद को किया अलग, बोले...

संजय करोल ने जातीय जनगणना पर सुनवाई से खुद को किया अलग, बोले ... HC में रहा था पक्षकार

17-May-2023 12:20 PM

By First Bihar

PATNA : बिहार में जातिगत गणना से रोक हटेगी या नहीं यह आज सुप्रीम में सुनवाई के बाद तय हो जाएगा। लेकिन इससे पहले अब जो बड़ी जानकारी निकलकर सामने आ रही है उसके मुताबिक इस मामले में के न्यायाधीश संजय करोल खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है। उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताया है।


दरअसल, आज सुप्रीम कोर्ट में जाति आधारित गणना पर पटना हाईकोर्ट की तरफ से लगाए गए रोक को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई होनी है। इस सुनवाई से पहले इस मामले में जज के रूप में शामिल संजय करोल में  खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले में जब हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही थी तो  वह पहले से इससे संबंधित कुछ मुकदमों में पक्षकार थे। इसलिए अब वह सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई नहीं कर सकते हैं।


जानकारी हो कि, पटना हाईकोर्ट ने बिहार में हो रही जातीय गणना पर 3 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी। अपने आदेश में पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया था कि जितना डाटा जमा हो चुका है उसे सुरक्षित रखा जाए। जिसके बाद राज्य सरकार ने 3 जुलाई की सुनवाई को जल्द कराने की अपील को लेकर पटना हाईकोर्ट में पिटीशन दायर की थी, लेकिन पटना हाईकोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। तब बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट गई। बिहार सरकार ने इस अंतरिम रोक को हटाने की मांग के साथ याचिका दायर की है और इस मसले पर जल्द सुनवाई की अपील की गई है। जिसपर अब आज यानि बुधवार को सुनवाई होगी।


आपको बताते चलें कि, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में तीसरी बार पहुंचा है। इसके पहले दो बार जातीय गणना को असंवैधानिक करार देने की याचिकाओं को बार सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का मसला बताया था। इससे दोनों बार बिहार सरकार को राहत मिली थी। इस बार पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।