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14-Nov-2019 07:11 AM
DELHI: केरल के सबरीमाला मंदिर में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज फैसला देगा. पिछले साल 28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर में 10 से 50 साल की महिलाओं के जाने पर रोक हटाने का फैसला दिया था. जिसका केरल में भारी विरोध हुआ था. इस मामले में कोर्ट से धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने की मांग करते हुए 65 याचिकाएं दाखिल हुई थी. इन याचिकाओं पर कोर्ट ने इस साल 6 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखा था.
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में 64 रिव्यू पेटिशन के मामले चल रहे थे. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली बेंच आज सुबह 10.30 बजे इस मामले पर फैसला सुनाएगी. आपको बता दें कि हर साल की तरह 16 नवंबर को एक बार फिर से सबरीमाला मंदिर के दरवाजे भक्तों के लिए खुलने वाले हैं. जिससे पहले आज ये तय होगा कि महिलाओं को मंदिर में एंट्री मिलेगी या नहीं.
दरअसल सबरीमाला मंदिर में भगवान अयप्पा की पूजा होती है. भगवान अयप्पा को शिव और मोहिनी का पुत्र माना गया है. भगवान अयप्पा का एक नाम हरिहरपुत्र ब्रह्मचारी भी है. ब्रह्मचारी होने की वजह से 10-50 साल की महिलाएं सदियों से भगवान अयप्पा का दर्शन नहीं करती हैं. ये परंपरा 800 साल से मंदिर में चली आ रही है.