ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar Assembly : बजट सत्र में आज भी टकराव के आसार, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेर सकता है विपक्ष New toll rule 2026 : एक्सप्रेसवे यात्रियों को राहत! टोल वसूली नियमों में बड़ा बदलाव, अब नहीं देना होगा पूरा शुल्क Bihar Road News : बिहार के इस ग्रीनफील्ड फोरलेन पर जल्द दौड़ेंगी गाड़ियां, डीएम ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश Mahila Rojgar Yojana Bihar : बिहार की महिलाओं के खाते में होली के बाद आएंगे 20-20 हजार रुपए, जानिए दूसरी क़िस्त लेने के क्या है नियम Traffic Management : पटना के इन रास्तों पर इस दिन नहीं चलेंगी गाड़ियां, बदली ट्रैफिक व्यवस्था; जानिए क्या है वजह Bihar Intermediate Exam 2026 : आज समाप्त होगी बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026, इस दिन तक रिजल्ट आने की उम्मीद Bihar weather : बिहार में फरवरी में ही गर्मी का असर: मौसम विभाग ने बताया तापमान बढ़ने का कारण शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन

RJD ऑफिस से जगदानंद सिंह को दूर हुए एक महीना पूरा, आर या पार का बनाया है प्लान

RJD ऑफिस से जगदानंद सिंह को दूर हुए एक महीना पूरा, आर या पार का बनाया है प्लान

02-Nov-2022 08:00 AM

PATNA : आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पिछले 1 महीने से पार्टी दफ्तर नहीं पहुंचे हैं. जगदानंद सिंह ने आखिरी बार 2 अक्टूबर को प्रदेश और आरजेडी कार्यालय पहुंचे थे और उन्होंने ही सबसे पहले इस बात की जानकारी दी थी कि उनके बेटे सुधाकर सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. इस जानकारी को साझा करने के बाद जगदानंद सिंह ने पार्टी कार्यालय छोड़ी तो उसके बाद 1 महीने का वक्त गुजर गया, लेकिन वापस नहीं लौटे हैं .जगदानंद सिंह अपने गांव में है. उनके नजदीकी सूत्र बता रहे हैं कि पटना लौटने का फिलहाल उनका कोई प्लान नहीं है.




इस 1 महीने के दौरान पार्टी के अंदर बहुत कुछ बदला है. पार्टी के लिए दिल्ली में बुलाया गया खुला अधिवेशन बेहद महत्वपूर्ण था, जिसमें लालू प्रसाद यादव की ताजपोशी एक बार फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर हुई. राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और खुला अधिवेशन में भी जगदा बाबू शामिल नहीं हुए. खराब तबीयत का हवाला दिया गया लेकिन सबको मालूम है कि अपने बेटे सुधाकर सिंह को लेकर नीतीश कुमार के रवैया और पार्टी नेतृत्व के फैसले से जगदानंद सिंह नाराज हैं. सुधाकर सिंह जरूर पार्टी की बैठकों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन जगदा बाबू ने दूरी बनाए रखी है. जगदानंद सिंह की नाराजगी को लेकर लालू यादव और तेजस्वी यादव से सवाल हो चुके हैं. तेजस्वी यादव इसे सिरे से खारिज करते रहे हैं. डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का कहना है कि यह सब बीजेपी की शगुफेबाजी है, पार्टी में ऐसी कोई बात नहीं है. हालांकि हकीकत यह है कि तेजस्वी के भरोसे के बावजूद जगदा बाबू अब तक वापस नहीं लौटे हैं.




जानकार सूत्र बता रहे हैं कि जगदा बाबू फिलहाल नीतीश कुमार की नीतियों के साथ खड़े होने को तैयार नहीं है. आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि पार्टी को अपनी लाइन पर रहना चाहिए. जनता से किया गया वादा पूरा करना चाहिए ना कि नीतीश कुमार की नीतियों पर चलते हुए पार्टी को कमजोर होने देना चाहिए. उनके बेटे और नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल रहे सुधाकर सिंह भी इसी नीति पर चल रहे थे, लेकिन नीतीश कुमार से उनका टकराव हो गया और आखिरकार दबाव में सुधाकर सिंह को इस्तीफा देना पड़ा. सुधाकर सिंह नीतीश शासन के खिलाफ लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. एक तरफ जहां जगदा बाबू अपने गांव में खुटा गाड़े बैठे हैं. महीने से पार्टी दफ्तर नहीं आए हैं. राज्य कार्यकारिणी और पदाधिकारियों का गठन नहीं हो पाया है तो वहीं दूसरी तरफ सुधाकर सिंह कल यानी 3 नवंबर को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं. माना जा रहा है कि इसमें नीतीश कुमार की नीतियों पर सवाल खड़े होंगे.