LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार LPG किल्लत और बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार को घेरने की तैयारी में बिहार कांग्रेस, वरिष्ठ नेताओं का पैनल तैयार बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे बिहार में दिन में सस्ती और शाम में महंगी बिजली, हर महीने बचेंगे इतने रूपए; पावर कंपनी ने गिनाए फायदे Bihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलाव Bihar Weather Alert: बिहार के 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, आंधी-बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी; 48 घंटे बाद होगा यह बदलाव सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता सीएम योगी की मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला मौलाना अरेस्ट, यूपी STF ने बिहार से दबोचा; जनसुराज पार्टी से है नाता बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर बिहार में गन्ना उद्योग को मिली नई रफ्तार, चीनी मिलों के पुनर्जीवन के लिए हुआ बड़ा समझौता; AI तकनीक से बदलेगी किसानों की तकदीर
17-Feb-2021 07:29 PM
PATNA : 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद चिराग पासवान का दामन थामने वाले पूर्व विधायक रामेश्वर चौरसिया ने एलजेपी से इस्तीफा दे दिया है। रामेश्वर चौरसिया ने लोक जनशक्ति पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। माना जा रहा है कि वह एक बार फिर से बीजेपी में घर वापसी कर सकते हैं। रामेश्वर चौरसिया ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को सीधे अपना इस्तीफा भेजा है।
दरअसल रामेश्वर चौरसिया विधानसभा चुनाव जिस सीट से लड़ा करते थे वह सीट एनडीए गठबंधन के तहत जेडीयू के पाले में चली गई। इसके बाद उनकी नजर सासाराम विधानसभा सीट पर थी लेकिन इस सीट पर भी जेडीयू ने अपना उम्मीदवार उतारा। रामेश्वर चौरसिया के पास विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए जब कोई विकल्प नहीं बचा तो उन्होंने रातों-रात लोक जनशक्ति पार्टी का दामन थामा था। दिल्ली जाकर रामेश्वर चौरसिया ने चिराग पासवान के हाथों पार्टी का सिंबल लिया और सासाराम विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा। इस दौरान उन्होंने नीतीश सरकार पर खूब हमला भी बोला लेकिन रामेश्वर चौरसिया को विधानसभा चुनाव में जीत हासिल नहीं हो पाई हालांकि उन्होंने जेडीयू के उम्मीदवार को भी वहां जीतने नहीं दिया। अब एक बार फिर रामेश्वर चौरसिया बीजेपी की तरफ रुख कर सकते हैं। एलजेपी उनके लिए चुनावी विकल्प के तौर पर थी। अगर चुनाव जीत जाते तो विधानसभा में होते लेकिन चौरसिया को ऐसा लगता है कि चुनाव हारने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी के साथ उनकी राजनीति सक्रिय नहीं रह पाएगी।
रामेश्वर चौरसिया ने कांग्रेस से आरजेडी में जाने की तमाम संभावनाओं को इनकार करते हुए कहा है कि वह बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं और उनका जुड़ाव भारतीय जनता पार्टी से ही रहा है। हालांकि रामेश्वर चौरसिया की वापसी बीजेपी में कब हो पाएगी यह कहना मुश्किल है क्योंकि जनता दल यूनाइटेड लगातार बीजेपी के उन बागियों पर नजर बनाए हुए हैं जिन्होंने चिराग पासवान के साथ जाकर विधानसभा चुनाव में जेडीयू के उम्मीदवारों को हराने का काम किया। बीजेपी के जिन बड़े चेहरों ने विधानसभा चुनाव एलजेपी के सिंबल पर लड़ा उनमें रामेश्वर चौरसिया और राजेंद्र सिंह जैसे नेता शामिल हैं। रामेश्वर चौरसिया ने फिलहाल एलजेपी को अलविदा कह दिया है लेकिन राजेंद्र सिंह अभी भी एलजेपी में हैं। सियासी जानकार मानते हैं कि जनता दल यूनाइटेड जैसे ही विधानसभा चुनाव में बागी होकर ताल ठोकने वाले अपने नेताओं की घर वापसी शुरू करेगा वैसे ही बीजेपी में भी रामेश्वर चौरसिया और राजेंद्र सिंह जैसे लोग वापस आ जाएंगे।