ब्रेकिंग
बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत✦बिहार में बढ़ रहे आपराधिक वारदातों पर भड़के चिराग पासवान, कहा..सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस हो रही है✦ड्यूटी के दौरान बातचीत में मशगूल दिखे पुलिसकर्मी, वीडियो सामने आने के बाद SP ने दिये जांच के आदेश✦1 अक्टूबर से वजन के हिसाब से बिकेगा गिट्टी-बालू, मोटर वाहन संघ का बड़ा फैसला✦किशनगंज में युवती से बदसलूकी मामले में चौथी गिरफ्तारी, गुजरात में छिपे आरोपी को पुलिस ने दबोचा✦बाढ़ के बीच जहरीले सांप का कहर... मां के साथ सो रहे मासूम को डसा, अस्पताल पहुंचते ही मौत

बिहार में न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, श्रमिकों को अब मिलेंगे इतने पैसे; इस दिन से लागू होंगे नए दर

Bihar News: बिहार में श्रमिकों के लिए गुड न्यूज है. श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी कर दी गई है. वहीं इसके के साथ MSME और कृषि क्षेत्र के लिए करोड़ों के लोन की घोषणा की गई है.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में सभी श्रेणी के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अकुशल श्रमिकों की मजदूरी में 8 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 10 रुपये और अति कुशल श्रमिकों के लिए 12 रुपये की बढ़ोतरी की जाएगी। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। विभाग के अनुसार, यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से प्रभावी होगी।


अधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष अप्रैल और अक्टूबर में मजदूरी की समीक्षा कर उसमें संशोधन किया जाता है। वर्तमान में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 428 रुपये है, जो बढ़कर 436 रुपये हो जाएगी। वहीं अर्द्धकुशल श्रमिकों की मजदूरी 444 रुपये, कुशल श्रमिकों की 541 रुपये और अति कुशल श्रमिकों की 660 रुपये है, जिनमें निर्धारित वृद्धि लागू होगी।


इसी के साथ बिहार में सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग (MSME) तथा कृषि क्षेत्र के लिए भी बड़े पैमाने पर लोन की व्यवस्था की गई है। वर्ष 2026-27 में MSME सेक्टर को बैंकों से 1,24,147.60 करोड़ रुपये का ऋण मिलेगा, जबकि कृषि क्षेत्र के किसानों को 1,24,558.45 करोड़ रुपये का लोन प्रदान किया जाएगा।


राज्य में लगभग 35 लाख पंजीकृत उद्योग हैं, जिन्हें औसतन 3,54,705 रुपये की पूंजी बैंक से मिल सकेगी। वहीं, 2.15 करोड़ से अधिक पंजीकृत किसानों को औसतन 57,868 रुपये प्रति किसान कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। सोमवार को नाबार्ड ने बिहार में प्राथमिकता क्षेत्र के लिए 2,80,393 करोड़ रुपये की संभावित ऋण क्षमता का आकलन रिपोर्ट जारी की।


उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने लोन प्रक्रिया को सरल बनाने और MSME क्षेत्र को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया। वहीं, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने राज्य के हर गांव में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजना पर प्रकाश डाला।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता