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आपको बर्खास्त क्यों नहीं किया जाए? बिहार सरकार ने 69 राजस्व अधिकारियों को भेजा नोटिस, इस दिन तक जवाब नहीं दिया तो एक्शन तय

Bihar News: बिहार सरकार ने अनधिकृत अवकाश पर गए राजस्व अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है. 13 अप्रैल तक जवाब न मिलने पर एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार में अनिश्चितकाल के लिए अवकाश पर गए राजस्व अधिकारियों (आरओ) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। राज्य सरकार ने बिना अनुमति के सामूहिक अवकाश लेने और सरकारी कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहने पर परीक्ष्यमान (Probationer) अधिकारियों पर सख्त रुख अपनाया है।


राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उपसचिव संजय कुमार सिंह ने 69वीं बीपीएससी बैच के 69 अधिकारियों को अलग-अलग पत्र भेजकर जवाब तलब किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगर 13 अप्रैल 2026 तक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो इसे अधिकारियों की ओर से कोई जवाब न देने के रूप में माना जाएगा और उनके खिलाफ एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


इस कार्रवाई के तहत राज्य के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। गया में 8, रोहतास में 7 और मधुबनी में 5 अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, वैशाली और जमुई में 4-4, सीवान, सीतामढ़ी और नालंदा में 3-3, और औरंगाबाद में 2 अधिकारी कार्रवाई के दायरे में आए हैं। पटना, किशनगंज, खगड़िया, पूर्णिया, सुपौल, नवादा, अररिया, अरवल और लखीसराय में तैनात एक-एक अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।


विभाग ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश अवैध घोषित किया गया है और इसे ‘डाइज नॉन’ माना गया है। यानी यह अवधि सेवा अवधि में शामिल नहीं की जाएगी। आरोप है कि 25 मार्च 2026 की शाम 5 बजे तक अधिकारियों ने अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया। 


पत्र में कहा गया है कि यह आचरण सरकारी आदेशों की अवहेलना है और बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के नियम 3(1) का उल्लंघन भी है। अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता