पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप पटना यूनिवर्सिटी के कुलपति अजय कुमार सिंह को बड़ी राहत, गवर्नर ने फिर से किया बहाल; लगे थे यह आरोप Bihar Board 10th Result 2026: टॉपरों पर इनामों की बरसात, लाखों रुपये के साथ मिलेंगे लैपटॉप और स्कॉलरशिप LPG संकट से रोज़गार पर गहरा असर, देशभर से बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों की बढ़ी भीड़ TRAIN NEWS : 'आप टेंशन क्यों लेती हैं मैडम सीट तो मैं ... ', चलती ट्रेन में सीट दिलाने का खेल या साजिश? सामने आया ऐसा ट्विस्ट, जिसे जानकर आप भी कहेंगे ‘क्या सिस्टम है!’ फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत फेमस होने का खतरनाक शौक: रील बनाने के दौरान बाइक सवार तीन लड़कों ने बुजुर्ग को रौंदा, मौके पर हुई मौत IPL 2026: बिहार का बेटा देगा किंग कोहली को टक्कर, टॉस होते ही जुड़ जाएगा नाम के साथ बड़ा इतिहास चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव: पद से हटाई गईं जहानाबाद की जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, उपाध्यक्ष की कुर्सी बची IPL 2026 : आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले CSK को बड़ा झटका, शुरुआती मैचों से बाहर हुए 'थाला'
21-Feb-2024 07:28 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि इंडी गठबंधन में सोनिया गांधी, लालू प्रसाद, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, उद्धव ठाकरे सहित सभी बड़े दलों के नेता अपने बेटे या परिजन को आगे बढाने और सम्पत्ति बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि कोई बेटे को पीएम प्रोजेक्ट करने में लगा है, तो कोई बेटा-भतीजा को सीएम बनाने के लिए बेचैन है, ये लोग देश की सेवा क्या करेंगे? देश की 140 करोड़ जनता को ही परिवार मान कर गरीब, युवा, महिला और किसानों के विकास के लिए दिन-रात काम करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंडी गठबंधन कभी मुकाबला नहीं कर पाएगा।
उन्होंने कहा कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार में डूबी राजनीति के चलते यूपीए के दस साल में कोल ब्लॉक, 2 जी स्पेक्ट्रम जैसे करोड़ों रुपये के घोटाले हुए, जबकि "राष्ट्र पहले" की नीति और गरीबों-पिछड़ों की मदद की नेक नीयती वाली एनडीए सरकार के दस साल में भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आये।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भ्रष्टाचार के विभिन्न मामलों में कांग्रेस-राजद का परिवारवादी नेतृत्व जमानत पर चल रहा है। दोनों दल अपने-अपने राजकुमारों को यात्राओं की नौटंकी से लांच करने में लगे हैं। यदि इसका कोई असर होता तो तीन बड़े हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस की हार न होती।