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20-May-2021 12:14 PM
DESK: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार-हरियाणा के राज्यपाल रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता जगन्नाथ पहाड़िया का बुधवार की रात कोरोना से निधन हो गया। 89 साल के पहाड़िया ने गुड़गांव के अस्पताल में अंतिम सांस ली। दिल्ली के लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर आज अंतिम संस्कार होगा। उनके निधन पर राजस्थान सरकार ने एक दिन के राजकीय शोक और सरकारी कार्यालय में छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। उनके निधन से राजनितिक गलियारों में शोक की लहर है।
श्री पहाड़िया हमारे बीच से कोविड की वजह से चले गए, उनके निधन से मुझे बेहद आघात पहुंचा है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 19, 2021
ईश्वर से प्रार्थना है शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में सम्बल दें एवं दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
अपने 13 महीने के कार्यकाल में प्रदेश में शराबबंदी लागू करने वाले पहले मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया थे। 6 जून 1980 से 14 जुलाई 1981 तक सिर्फ 13 महीने ही जगन्नाथ पहाड़िया राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे थे। जगन्नाथ पहाड़िया 1957, 1967, 1971 और 1980 में सांसद और 1980, 1985, 1999 और 2003 में विधायक भी रहे। वे इंदिरा गांधी कैबिनेट में मंत्री भी रहे थे। उनके पास वित्त, उद्योग, श्रम, कृषि जैसे विभागों की जिम्मेदारी थी। वे 1989 से 1990 तक एक साल के लिए बिहार और 2009 से 2014 तक हरियाणा के राज्यपाल भी रहे थे।
20 मई (गुरूवार) को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक होगी, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री जगन्नाथ पहाड़िया जी के निधन पर शोकाभिव्यक्ति होगी। स्व. श्री पहाड़िया के सम्मान में एक दिन का राजकीय शोक रहेगा एवं राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा, सभी सरकारी कार्यालयों में 20 मई का अवकाश रहेगा।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 19, 2021
जगन्नाथ पहाड़िया राजस्थान के एक मात्र दलित मुख्यमंत्री रहे हैं। उनसे पहले और उनके बाद कोई दलित नेता राजस्थान में सीएम नहीं बना। भरतपुर के भुसावर में एक दलित परिवार में पैदा हुए पहाड़िया शुरू से ही बेबाक थे। उनकी बेबाकी ही उनके राजनीति में आने की वजह बनी। 1957 में देश के दूसरे आम चुनाव में पहाड़िया सवाई माधोपुर से सांसद का चुनाव जीते। इस तरह से पहाड़िया का चुनावी सफर शुरू हुआ था।
बिहार के पूर्व राज्यपाल और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया जी के निधन की खबर से दुखी हूं. सामाजिक सशक्तिकरण के लिये उनके किये काम हमेशा याद किये जायेंगे. मेरी संवेदनाएं उनके शोक संतप्त परिजनों व समर्थकों के साथ हैं. ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें.
— Tarkishore Prasad (@tarkishorepd) May 20, 2021
ॐ शांति!! pic.twitter.com/igHfi6BwaQ