मुजफ्फरपुर: पारू थाना की महिला सिपाही की संदिग्ध मौत, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, पति हिरासत में अरवल में शिक्षक ने उठा लिया बड़ा कदम, इलाके में शोक की लहर Fake Currency Racket: नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, 6.44 लाख रुपये के जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार महिला एंकर ने डिप्टी सीएम को मुख्यमंत्री कह दिया, 'स्लिप ऑफ टंग' से बिहार की सियासत गर्म Bihar News: मोतिहारी में मार्च लूट की तैयारी ! स्पोर्ट्स सामाग्री की सप्लाई हुई नहीं और पैसा निकासी की चल रही तैयारी..धड़ाधड़ काटे जा रहे... Bihar News: भ्रष्ट कार्यपालक अभियंता का बंगाल से लेकर नेपाल तक जमीन-मकान, पेट्रोल पंप से लेकर जमीन के 17 पेपर, गाड़ी अपनी और भाड़ा सरकारी खजाने से... कागज पूरे, e-KYC भी हो गई… फिर भी नहीं मिली किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त? जानिए क्या करें पटना में बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों का महाजुटान, अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का ऐलान पटना में नारकोटिक्स टीम पर हमला, पत्थरबाजी के बीच पुलिस की फायरिंग, एक आरोपी गिरफ्तार दिनदहाड़े लूट से सनसनी, हथियार के बल पर ट्रांसपोर्टर से लाखों की लूट, CCTV में कैद वारदात
10-Mar-2021 06:55 PM
PATNA : दबंगई के जोर पर सरकारी बंगले पर कब्जा जमाने वाले नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके जय कुमार सिंह की हेकड़ी निकल गई है. जय कुमार सिंह को सबक सिखाने की तैयारी ही हो रही थी कि उससे पहले ही उन्होंने आनन-फानन में सरकारी बंगले को खाली कर दिया है. उनके बंगले से सारे सामान निकाले जा रहे हैं.
गौरतलब हो कि बंगला खाली करने को लेकर पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह को बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने पत्र लिखा था. फर्स्ट बिहार झारखंड पर खबर प्रकाशित होने के बाद आलीशान सरकारी बंगले पर कब्जा जमाने वाले जय कुमार ने जल्दबाजी में अपना ठिकाना बदल लिया. उन्होंने आनन-फानन में बंगले को खाली कर दिया.
आपको बता दें कि जय कुमार सिंह जब नीतीश की पिछली कैबिनेट में मंत्री थे तब इन्हें 43, हार्डिंग रोड का सरकारी बंगला दिया गया था. पिछले नवंबर में हुए चुनाव में जय कुमार सिंह चुनाव ही हार गये. नतीजतन वे मंत्री तो क्या विधायक भी नहीं रहे. लिहाजा सरकारी नियमों के मुताबिक उन्हें मंत्री का बंगला खाली कर देना चाहिये था. लेकिन दबंगई दिखाने पर उतरे जय कुमार सिंह ने सरकारी बंगला खाली नहीं किया.
पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह की दबंगई से परेशान बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया. भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक उनके खिलाफ बिहार सरकारी परिसर किराया वसूली एवं बेदखली अधिनियम-1956, बिहार अधिनियम संख्या-20, 1956 और संशोधन विधेयक के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसमें जय कुमार सिंह पर आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सरकारी बंगले पर अवैध कब्जा कर रखा है.
बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी पत्र के मुताबिक जय कुमार सिंह को एक मार्च को पत्र भेजकर उनसे ये पूछा गया था कि वे सरकारी बंगले को क्यों नहीं खाली कर रहे हैं. लेकिन जय कुमार सिंह ने उसका भी जवाब नहीं दिया. प्रशासन के सारे नियम कायदे कानून जय कुमार सिंह की दबंगई के सामने फेल हो गये. लेकिन जैसे ही यह खबर मीडिया में आई तो उन्होंने भारी फजीहत से बचने के लिए आनन-फानन में बंगले को खाली कर दिया.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने 2007 में ही सरकारी बंगलों को लेकर आदेश दिया था. जिसमें अवैध कब्जा करने वालों को जबरन घर से बाहर निकालने की अनुमति दी गयी थी. सुप्रीम कोर्ट के उसी आदेश के आलोक में भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मंत्री जय कुमार सिंह को सरकारी बंगले से बलपूर्वक निष्कासन का आदेश दिया गया था.
गौरतलब हो कि जय कुमार सिंह को मंत्री रहते जो सरकारी बंगला मिला था वह मंत्रियों के लिए तय बंगला है. नये मंत्रिमंडल के गठन के बाद उसे दूसरे मंत्री को आवंटित कर दिया गया है. जिस मंत्री को ये बंगला मिला है, वे बेघर होकर भटक रहे हैं. क्योंकि जय कुमार सिंह ने अवैध रूप से बंगले पर कब्जा जमा रखा था.