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18-Sep-2020 01:14 PM
PATNA : कोसी रेल महासेतू का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार से आने वाले दो पूर्व रेल मंत्रियों के काम की खूब सराहना की है. पूर्व रेल मंत्री रामविलास पासवान और नीतीश कुमार की तरफ से किए गए कामकाज की तारीफ करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इन दोनों नेताओं ने बिहार में रेलवे प्रोजेक्ट के लिए बहुत कुछ किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि इनके अलावे बाकी सब हवाबाजी रही है.
रामविलास पासवान और नीतीश कुमार के अलावे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की यूपीए के कार्यकाल में रेल मंत्री रह चुके हैं. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उनके नाम की चर्चा नहीं की है. बिहार में रेल प्रोजेक्ट के लिए बैटरी को लेकर रामविलास पासवान और नीतीश कुमार की चर्चा किए जाने और लालू यादव के कामकाज को खारिज किए जाने के बाद नई सियासी बहस शुरू होनी तय मानी जा रही है.
भूकंप ने मिथिला-कोसी क्षेत्र को किया था अलग
पीएम ने कहा कि बिहार में गंगाजी, कोसी, सोन नदियों के विस्तार के कारण, बिहार के अनेक हिस्से एक दूसरे के कटे रहे हैं. नदियों के फैलाव वजह से होने वाला लंबा सफर बिहार के लोगों की एक समस्या रहा है. बिहार की इस बड़ी समस्या के समाधान के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं. 4 वर्ष पहले उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले दो महासेतू, एक पटना में और दूसरा मुंगेर में शुरु किए गए थे. इन दोनों रेल पुलों के चालू हो जाने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच, लोगों का आना-जाना और आसान हुआ है. करीब साढ़े आठ दशक पहले भूकंप की एक भीषण आपदा ने मिथिला और कोसी क्षेत्र को अलग-थलग कर दिया था. आज ये संयोग ही है कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बीच इन दोनों आंचलों को आपस में जोड़ा जा रहा है. आज कोसी महासेतु होते हुए सुपौल-आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन सेवा शुरू होने से सुपौल, अररिया और सहरसा जिले के लोगों को बहुत लाभ होगा. यही नहीं, इससे नॉर्थ ईस्ट के साथियों के लिए एक वैकल्पिक रेलमार्ग भी उपलब्ध हो जाएगा.
नीतीश का था ड्रीम प्रोजेक्ट
पीएम मोदी ने कहा कि कोसी महासेतू के पूरा होने से अटल बिहारी वाजपेयी और नीतीश कुमार का भी सपना पूरा हुआ है. यह प्रोजेक्ट नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट था. पीएम मोदी ने पूर्व रेल मंत्री रामविलास पासवान की भी किए यह कार्यों की सराहना की है. पीएम ने कहा कि नीतीश कुमार की सरकार बनने से पहले तक बिहार में इक्का-दुक्का मेडिकल कॉलेज हुआ करते थे.आज बिहार में 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें से अनेक बीते कुछ वर्षों में ही बनाए गए हैं. कुछ दिन पहले ही बिहार में एक नए एम्स की भी स्वीकृति दे दी गई है.
बिल का विरोध करने वाले किसान नहीं, बिचौलियों का साथ दे रहे हैं
पीएम ने कहा कि कल विश्वकर्मा जयंती के दिन लोकसभा में ऐतिहासिक कृषि सुधार विधेयक पारित किए गए हैं. इन विधेयकों ने हमारे अन्नदाता किसानों को अनेक बंधनों से मुक्ति दिलाई है. इन सुधारों से किसानों को अपनी उपज बेचने में और ज्यादा विकल्प और ज्यादा अवसर मिलें. मैं देश के किसानों को इन विधेयकों के लिए बधाई देता हूं.किसान और ग्राहक के बीच जो बिचौलिए होते हैं, जो किसानों की कमाई का बड़ा हिस्सा खुद ले लेते हैं. उनसे बचाने के लिए ये विधेयक लाए जाने बहुत आवश्यक थे. ये विधेयक किसानों के लिए रक्षा कवच बनकर आए हैं. लेकिन कुछ लोग जो दशकों तक सत्ता में रहे हैं. देश पर राज किया है. वो लोग किसानों को इस विषय पर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं. किसानों से झूठ बोल रहे हैं. चुनाव के समय किसानों को लुभाने के लिए ये बड़ी-बड़ी बातें करते थे, लिखित में करते थे, अपने घोषणापत्र में डालते थे और चुनाव के बाद भूल जाते थे. आज जब वही चीजें भाजपा- एनडीए सरकार कर रही है, तो ये भांति-भांति के भ्रम फैला रहे हैं. वो लोग किसानों की रक्षा का ढिंढोरा पीट रहे हैं लेकिन दरअसल वे किसानों को अनेक बंधनों में जकड़कर रखना चाहते हैं. वो लोग बिचौलियों का साथ दे रहे हैं, वो लोग किसानों की कमाई को बीच में लूटने वालों का साथ दे रहे हैं.