ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार के इस जिले में बनेगी फोरलेन सड़क, लोगों को जाम से मिलेगी राहत; परियोजना पर खर्च होंगे इतने करोड़ बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार बिहार में साइकिल दुकान से भारी मात्रा में LPG सिलेंडर बरामद, कालाबाजारी के आरोप में एक गिरफ्तार ‘दीदी, मुझे डर लग रहा है… दो लड़के पीछा कर रहे हैं’, आखरी कॉल के बाद गायब हो गई पटना की छात्रा Bihar News: जाली नोट गिरोह का भांडाफोड़: दो आरोपी गिरफ्तार, 100-100 रुपए के इतने नोट बरामद Bihar Crime News: झोपड़ी में सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या, पुराने विवाद में मर्डर की आशंका Bihar Crime News: झोपड़ी में सो रहे युवक की गोली मारकर हत्या, पुराने विवाद में मर्डर की आशंका करगिल में ड्यूटी के दौरान पश्चिम चंपारण का ‘अग्निवीर’ मनीष शहीद, गांव में शोक की लहर गैस किल्लत की चर्चा के बीच मुंगेर में बढ़ी इंडक्शन चूल्हों की मांग, दुकानों पर उमड़ रहे ग्राहक

पीएम मोदी ने जारी किया 75 रुपये का स्मृति सिक्का, किसानों को भी दिए ये तोहफे

16-Oct-2020 11:48 AM

DESK : खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) की 75वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्चुअल सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमें पीएम ने 75 रुपये का स्मृति सिक्का लॉन्च किया. इसके साथ ही पीएम ने हाल ही में विकसित की गई 8 फसलों की 17 जैव संवर्धित किस्मों को भी राष्ट्र को समर्पित किया. दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जानकारी शेयर की थी. 


पीएम ने सिक्का जारी करते हुए कहा कि इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार विश्व खाद्य कार्यक्रम से सम्मानित किया जाना एक बड़ी उपलब्धि है. भारत खुश है कि हमारा योगदान और इसके साथ जुड़ाव ऐतिहासिक रहा है. 


वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के किसान, कृषि वैज्ञानिक, आंगनबाड़ी-आशा कार्यकर्ता, कुपोषण के खिलाफ आंदोलन का आधार हैं. इन्होंने अपने परिश्रम से जहां भारत का अन्न भंडार भर रखा है, वहीं दूर-सुदूर, गरीब से गरीब तक पहुंचने में ये सरकार की मदद भी कर रहे हैं.


उन्होंने कहा, 'इन सभी के प्रयासों से ही भारत, कोरोना के इस संकटकाल में भी कुपोषण के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ रहा है.' प्रधानमंत्री ने विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को 2020 के नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजे जाने का जिक्र करते हुए इसमें भारत के योगदान का उल्लेख किया. उन्होंने इसमें भारत के प्रशासनिक सेवा अधिकारी बिनय रंजन सेन की भूमिका से सबको अवगत कराया. सेन ने एफएओ के महानिदेशक के रूप में 1956 से 1967 तक काम किया था.