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19-Feb-2024 07:24 PM
By First Bihar
PATNA: 12 फरवरी को बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि राजद भ्रष्ट आचरण में लिप्त थी। एनडीए की नई सरकार में अब इसकी जांच होगी। उन्होंने कहा था कि मैंने उन्हें सम्मान दिया लेकिन वे भ्रष्ट आचरण में लिप्त रहे। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य, पथ निर्माण विभाग, शहरी विकास, ग्रामीण कार्य विभाग सहित कई विभागों के अधिकारियों को महागठबंधन सरकार में लिये गये फैसलों की समीक्षा करने को कहा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद कई विभागों की समीक्षा भी की जा रही है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा शुरू की गयी है। जिसमें कई गड़बड़ी की आशंका विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा जतायी है। उन्होंने इसकी जांच के आदेश अधिकारियों को दिया है। उन्होंने बताया कि महागठबंधन की सरकार में 4500 करोड़ का टेंडर हुआ था। यदि इसमें गड़बड़ी हुई होगी तब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि महागठबंधन की सरकार में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग आरजेडी के पास था। इस विभाग के मंत्री ललित यादव थे। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महागठबंधन की सरकार के वक्त विभाग में जो भी टेंडर निकाला गया उसकी समीक्षा की जा रही है। 4500 करोड़ रूपये का टेंडर हुआ था। टेंडर में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि डबल टेंडर की जांच की जाएगी।
वही सभी सिंगल टेंडर रद्द किये जाएंगे। हमने विभाग की समीक्षा शुरू की है जिसमें बड़ी गड़बड़ी की आशंका जतायी जा रही है। टेंडर में हेराफेरी की सूचना मिल रही है। मामले की जांच कराई जा रही है। जो जांच रिपोर्ट आएगा उसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास भेजा जाएगा। विभाग में अब नियम के हिसाब से काम होगा। गड़बड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।