सुपौल में लूटकांड का खुलासा, कैश के साथ अपराधी गिरफ्तार मधुबनी में पेट्रोल पंप कर्मी पर हमला: पैसे छीनकर भागे अपराधी CCTV में कैद मुजफ्फरपुर: नए साल के जश्न के बीच सिटी पार्क के पास मारपीट, दो गुटों में जमकर चले लात-घूसे, वीडियो वायरल Bihar Bhumi: पटना के भू अर्जन अधिकारी- बिहटा CO समेत 10 अफसरों पर करप्शन का केस, साल के पहले दिन ही विजिलेंस का बड़ा एक्शन.. गर्लफ्रेंड के साथ नए साल का जश्न मनाते पत्नी ने पकड़ा, गाड़ी का शीशा तोड़ बीच सड़क पर किया हंगामा नए साल का जश्न मातम में बदला: भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम बगहा: शॉर्ट सर्किट से दो घरों में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, खूंटे में बंधी 4 बकरियां जिंदा जली बांग्लादेश में एक और हिंदू को जिंदा जलाने की कोशिश, चाकुओं से गोदकर शरीर पर डाला पेट्रोल बिहार बाल वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम 2025: विद्या विहार रेसिडेंशियल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम, 14वीं बार राज्य पुरस्कार के लिए हुआ चयन Bihar Bhumi: नए साल के पहले दिन जमीन मालिकों को नया तोहफा...CO-DCLR की मनमानी पर चला हथौड़ा ! संविधान के अनुच्छेद-14 और Parity Principle का हर हाल में करना होगा पालन
18-Jun-2021 06:46 PM
PATNA : शुक्रवार को पटना के एसएसपी उपेंद्र शर्मा को ट्रैफिक रूल समझाने में एक सिपाही के पसीने छूट गए. वरीय पुलिस अधीक्षक ने पटना पुलिस के कांस्टेबल से तोते की तरह सवाल किया. उन्होंने कांस्टेबल से ये कहा कि ट्रैफिक रूल को बताइये. साहब का सवाल सुनते ही सिपाही की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई. वह एसएसपी के सामने एक लफ़्ज़ भी नहीं बोल पाया. उसके पसीने छूट गए. और ये पूरा वाकया वहां मौजूद मीडियाकर्मियों के कैमरे में कैद हो गया.
दरअसल शुक्रवार को पटना ट्रैफिक पुलिस के दर्जनों जवानों को पुलिसिंग में सहयोग करने के लिए स्पेशल गाड़ियां मुहैया कराई गईं. ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों को मॉडिफाइड दोपहिया वाहन दिए गए, जिसमें कलर कोड से लेकर सायरन तक कई सुविधाएं दी गई हैं. ताकि ट्रैफिक पुलिस के जवानों की मौजूदगी दर्ज हो सके. पटना पुलिस की मॉडिफाइड दोपहिया वाहनों में व्हीकल लाइट और माइकिंग की भी सुविधा दी गई है. जिसके माध्यम से सिपाही पब्लिक को एड्रेस करेंगे, उन्हें नियम कानून समझायेंगे.
जब ये गाड़ियां पटना पुलिस के ट्रैफिक जवानों को दी जा रही थीं. इस दौरान एसएसपी उपेंद्र शर्मा वहां खुद मौजूद थे. मीडियाकर्मियों का भी जमावड़ा लगा था. पुलिस के जवान पूरे लाव-लश्कर के साथ नई-नई मॉडिफाइड दोपहिया वाहन पर सवार थे. इस दौरान पटना के एसएसपी ने मॉडिफाइड वाहन में लगे माइकिंग की भी सुविधा को टेस्ट करना चाहा.
लाइन में सबसे आगे खड़े पुलिस जवान से एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने पूछा कि "मान लीजिये आप पटना हड़ताली चौक पर खड़े हैं. पब्लिक को ट्रैफिक संबंधी नियम कानून समझाना है. बताइये कि क्या कहियेगा?" अचानक से एसएसपी का सवाल सुनकर ट्रैफिक जवान दंग रह गया. उसे समझ में नहीं आया कि साहब के सवाल का उत्तर क्या देना है? इसपर एसएसपी ने सिपाही से कहा कि "डरिये मत, सोच लीजिये. कठिन सवाल थोड़ी किया! हड़ताली मोड़ पर मान लिए आपकी ड्यूटी लगा दी. ट्रैफिक में क्या-क्या लोगों को करना चाहिए. लोगों को सीट बेल्ट लगाकर चलना चाहिए. बाइक सवार को हेलमेट लगानी चाहिए. पीछे बैठे व्यक्ति को भी हेलमेट लगानी चाहिए. यही सब तो बताना है."

तोता की तरह समझाने के बावजूद भी ट्रैफिक पुलिस का जवाब पटना एसएसपी को ट्रैफिक रूल ही नहीं समझा पाया. फिर एसएसपी ने कहा सिर्फ आवाज चेक करनी है. जब सामने वाले सिपाही के गले से एक शब्द भी नहीं निकला तो एसएसपी ने कहा कि "कौन बोलेगा? कौन बोलना चाहेगा? अच्छा आइये डीएसपी साहब, आइये बोलिये तो. आइये इधर. हम आवाज खाली चेक करना चाहते हैं. माइक में आवाज कैसी आ रही है?"

इस तरह जिले के पुलिस कप्तान उपेंद्र शर्मा के सामने पटना पुलिस के एक ट्रैफिक जवान की सिट्टी पिट्टी गुम गई. वह एसएसपी को ट्रैफिक रूल जैसा बेसिक सा नियम समझाने में नाकाम रहा.